ज़ोमैटो और एटर्नल के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने एक नया हेल्थ-टेक गैजेट 'Temple' पेश किया है। यह एक ब्रेन ट्रैकिंग डिवाइस है, जिसे पारंपरिक स्मार्टवॉच की तरह कलाई पर पहनने के बजाय सिर के साइड हिस्से यानी कनपटी पर चिपकाकर पहना जाता है।
कीमत और उपलब्धता
इस नए वियरेबल गैजेट के पहले यानी 'Batch 01' की अनुमानित कीमत ₹85,000 तय की गई है, जिसमें लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन भी शामिल है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में टैक्स आदि को शामिल करते हुए इसकी कीमत ₹80,000 से ₹1,00,000 के बीच होने का अनुमान लगाया गया है। इस डिवाइस की प्री-बुकिंग 1 नवंबर 2026 से आधिकारिक 'Temple App' के जरिए शुरू होगी। इसके पहले लिमिटेड एडिशन की डिलीवरी साल 2026 के अंत से पहले शुरू किए जाने की संभावना है।
प्रमुख तकनीकी विशेषताएं और फीचर्स
पारंपरिक स्मार्टवॉच आमतौर पर कदम गिनने या दिल की धड़कन मापने का काम करती हैं, लेकिन Temple वियरेबल उससे आगे की तकनीक पर काम करता है। इसमें निम्नलिखित मुख्य फीचर्स दिए गए हैं:
- ब्रेनफ्लो टेक्नोलॉजी (BrainFlow): यह डिवाइस माथे के जरिए दिमाग में होने वाले रक्त प्रवाह यानी सेरेब्रल ब्लड फ्लो (Cerebral Blood Flow) और ऑक्सीजन के स्तर को रियल-टाइम में ट्रैक करता है।
- एंट्रोपी स्कोर (Entropy Score): इसमें 'Entropy' नाम का एक विशेष बायोमार्कर दिया गया है, जो हर सेकंड अपडेट होता है और 1 से 250 तक का स्कोर प्रदान करता है। कम स्कोर इस बात का संकेत देता है कि दिमाग गहरे आराम की स्थिति (Deep Rest) में है, जबकि उच्च स्कोर मस्तिष्क द्वारा खर्च की जा रही अधिक ऊर्जा को दर्शाता है।
- एडवांस्ड लाइट सेंसर्स (PPG Technology): डिवाइस में फोटोप्लेथिसमोग्राफी ऑप्टिकल सेंसर्स का उपयोग किया गया है, जो सिर की मुख्य धमनी के पास से गुजरने वाले खून की गति और सूक्ष्म बदलावों को सटीकता से मापते हैं।
- डिजाइन और रंग: इसका नया वर्जन पिछले स्वरूप के मुकाबले आकार में आधा रह गया है, जो इसे स्किन पर आसानी से चिपकने वाला सबसे छोटा पैatch फॉर्म-फैक्टर वियरेबल बनाता है। यह ट्रू गोल्ड, रोज़ गोल्ड, ब्लैक मिरर, रियल जेड, डीप ब्लू और पर्पल फंक सहित कुल 6 रंगों में उपलब्ध होगा।
- बैटरी लाइफ: रिपोर्ट के अनुसार, इसकी बैटरी एक बार चार्ज करने पर करीब 5 से 7 दिनों तक काम कर सकती है।
वैधानिक स्थिति और मेडिकल उपयोग
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह डिवाइस फिलहाल एक वेलनेस और रिसर्च गैजेट के रूप में पेश किया जा रहा है। इसे अभी तक किसी भी बीमारी के इलाज, रोकथाम या मेडिकल डायग्नोसिस के लिए आधिकारिक चिकित्सा मंजूरी (Medical Validation) प्राप्त नहीं हुई है।