मध्य अमेरिकी देश पनामा में 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, भारत ने जताई एकजुटता
मध्य अमेरिकी देश पनामा में भूकंप के तेज झटकों के बाद अफरा-तफरी का माहौल है। मंगलवार तड़के रिक्टर पैमाने पर 6.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई है। अचानक आए इन झटकों से सहमे लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों और बहुमंजिला इमारतों से निकलकर सड़कों और खुले मैदानों की तरफ भागने लगे। लगातार आ रही भूकंपीय गतिविधियों के कारण पनामा सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल लागू कर दिया है।
पहले भी आ चुके हैं विनाशकारी झटके
पनामा में पिछले कुछ दिनों से लगातार धरती कांप रही है। इससे पहले शुक्रवार और शनिवार को भी देश में 7.7 तथा 6.6 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप दर्ज किए गए थे। इन झटकों के कारण राजधानी पनामा सिटी सहित कई अन्य इलाकों में आवासीय मकानों और दफ्तरों की दीवारों में दरारें आने की खबरें सामने आई हैं। बार-बार आ रहे आफ्टरशॉक (मुख्य भूकंप के बाद आने वाले झटके) के डर से लोग अपने घरों में लौटने से कतरा रहे हैं और रातें खुले पार्कों व सड़कों पर गुजारने को मजबूर हैं।
भारत सरकार ने बढ़ाई मदद का हाथ
इस प्राकृतिक आपदा और आपातकाल के बीच भारत ने पनामा के प्रति गहरी एकजुटता और समर्थन जाहिर किया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी कर कहा कि भारत इस मुश्किल समय में पनामा की सरकार और वहां की जनता के साथ मजबूती से खड़ा है। इसके साथ ही, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी संवेदनाएं साझा करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त की है।
राहत और बचाव कार्य जारी
भूकंप के कारण सड़कों और बुनियादी ढांचे को कितना नुकसान पहुंचा है तथा हताहतों की वास्तविक संख्या क्या है, इसकी पूरी तस्वीर स्थानीय प्रशासनिक एजेंसियों के आधिकारिक आकलन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल आपातकाल के तहत सरकार राहत और बचाव कार्यों को तेज करने में जुटी है ताकि प्रभावित इलाकों तक जरूरी सहायता पहुंचाई जा सके।