लोकतंत्र के महापर्व में जब कभी भी उत्साह और प्रेरणा की बात होती है, तो कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आ जाती हैं जो बड़े-बड़ों को सोचने पर मजबूर कर देती हैं। राजस्थान के सीकर जिले के रींगस कस्बे से एक ऐसा ही दिल को छू लेने वाला और प्रेरणा से भरा मामला सामने आया है, जिसने साबित कर दिया कि देश के प्रति कर्तव्य निभाने के लिए उम्र कभी भी कोई बाधा नहीं बन सकती। बुधवार को रींगस नगरपालिका चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान एक 102 साल की बुजुर्ग महिला ने अपनी उम्र को मात देते हुए मतदान केंद्र पर कदम रखा और अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
व्हीलचेयर पर सवार होकर पहुंचीं मतदान केंद्र
रींगस नगरपालिका के वार्ड नंबर 32 के अंतर्गत आने वाले मतदान केंद्र पर उस समय अजीब सी रौनक और सम्मान का माहौल बन गया, जब एक शत-आयु पार कर चुकी बुजुर्ग महिला वहां पहुंचीं। उम्र के इस पड़ाव पर पैरों की कमजोरी और शारीरिक असमर्थता के चलते वह खुद चल पाने में असमर्थ थीं, लेकिन उनके भीतर का जज्बा अडिग था। उनके परिजनों ने उनकी इस इच्छा का सम्मान करते हुए उन्हें व्हीलचेयर पर बैठाया और सुरक्षित तरीके से मतदान केंद्र तक लेकर आए।
वोट डालने के बाद जब वह मतदान कक्ष से बाहर आईं, तो उनके चेहरे पर एक अलग ही संतोष और गर्व का भाव था। उन्होंने गर्व के साथ अपनी उंगली पर लगी अमिट स्याही को मीडिया और वहां मौजूद लोगों को दिखाया। यह नजारा वहां मौजूद हर एक शख्स के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गया।
जीवनकाल में कर चुकी हैं करीब 50 बार मतदान
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बुजुर्ग महिला का चुनावी सफर और लोकतंत्र के प्रति समर्पण बहुत लंबा रहा है। अपने जीवन के 102 साल देख चुकीं इस महिला ने अब तक अपने जीवनकाल में लगभग 50 बार अलग-अलग चुनावों में मतदान किया है। स्थानीय लोगों और युवाओं के लिए यह अपने आप में एक बड़ा सबक है, जो अक्सर छोटी-छोटी वजहों या छुट्टियों के नाम पर मतदान से दूर भाग जाते हैं। यह घटना बताती है कि लोकतंत्र को मजबूत करने में हर एक नागरिक की भागीदारी कितनी जरूरी है।
रींगस नगरपालिका चुनाव: आंकड़ों पर एक नजर
आपको बता दें कि रींगस नगरपालिका के कुल 35 वार्डों के लिए इस बार कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। इन सभी वार्डों में शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से मतदान संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। चुनाव आयोग द्वारा पूरे क्षेत्र में कुल 35 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां सुबह से ही मतदाताओं की कतारें देखने को मिल रही हैं। युवाओं से लेकर महिलाओं तक, हर वर्ग के लोगों में अपने मताधिकार का प्रयोग करने को लेकर खासा उत्साह नजर आया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और संवेदनशील वार्ड
चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह से निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। रींगस के कुल 35 वार्डों में से 7 वार्डों को संवेदनशीलता के लिहाज से बेहद संवेदनशील और अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। किसी भी अप्रिय घटना को टालने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन विशेष वार्डों के मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का दल लगातार अलग-अलग बूथों का दौरा कर स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।
ईवीएम में तकनीकी खराबी, लेकिन तुरंत लिया गया एक्शन
हर चुनाव की तरह इस बार भी मतदान प्रक्रिया के दौरान कुछ तकनीकी बाधाएं सामने आईं। रींगस के वार्ड नंबर 32 के एक मतदान केंद्र पर मतदान शुरू होने के कुछ ही देर बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। मशीन में आई इस गड़बड़ी की सूचना मिलते ही चुनावी अमले में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक रिटर्निंग अधिकारी महेश ओला तुरंत एक्शन मोड में आए और बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचे। उनकी सीधी निगरानी और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम की मदद से ईवीएम की समस्या को तुरंत दूर किया गया। मशीन ठीक होने के बाद वहां एक बार फिर से सुचारू रूप से मतदान प्रक्रिया शुरू कराई गई, जिससे कतार में खड़े मतदाताओं ने राहत की सांस ली।
125 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे 20 हजार से ज्यादा मतदाता
सीकर जिले के रींगस नगरपालिका चुनाव में इस बार राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज है। चुनावी अखाड़े में कुल 35 वार्डों के लिए 125 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इन तमाम प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला रींगस के कुल 20,346 मतदाता करेंगे। सुबह से शुरू हुआ मतदान का यह सिलसिला तय समय तक जारी रहा, जिसमें बुजुर्गों के इस जज्बे ने पूरे चुनाव को यादगार बना दिया।