राजस्थान की राजनीति में इन दिनों सरगर्मी अपने चरम पर है। निकाय चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार का शोर थमने से ठीक पहले राजधानी जयपुर की सड़कों पर राजनीतिक दिग्गजों का शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सांगानेरी गेट स्थित ऐतिहासिक हनुमान मंदिर से त्रिपोलिया गेट तक एक विशाल रोड शो की अगुवाई की। इस दौरान फूलों की वर्षा के बीच उमड़ी भारी भीड़ ने सियासी तापमान को और बढ़ा दिया। मुख्यमंत्री का यह रोड शो महज एक चुनावी यात्रा नहीं था, बल्कि यह संदेश देने की पुरजोर कोशिश थी कि राज्य की सत्ता में बैठी पार्टी अब स्थानीय निकायों के जरिए विकास के पहिये को और तेज गति देना चाहती है।
रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष, विशेषकर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखे राजनीतिक हमले किए। सांगानेरी गेट से लेकर त्रिपोलिया बाजार तक निकले इस कारवां में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, राष्ट्रीय महामंत्री व निकाय चुनाव प्रभारी हरीश द्विवेदी, स्थानीय सांसद मंजू शर्मा और विधायक बालमुकुंद आचार्य समेत कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। खुली जीप में सवार होकर सीएम ने जिस तरह से आम जनता का अभिवादन स्वीकार किया, उससे साफ जाहिर होता है कि पार्टी इन चुनावों को लेकर कितनी गंभीर है।
ढाई साल का हिसाब और विकास के आंकड़े
जनता के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के ढाई साल के कार्यकाल का लेखा-जोखा पूरी बेबाकी के साथ रखा। उन्होंने आंकड़ों के जरिए यह साबित करने की कोशिश की कि उनकी सरकार ने पिछले कुछ समय में वह कर दिखाया है जो पिछली सरकार पांच साल में भी नहीं कर पाई थी। ऊर्जा क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के पांच साल के कार्यकाल में जहां राज्य में बिजली उत्पादन महज 3,900 मेगावाट बढ़ा था, वहीं वर्तमान सरकार ने मात्र ढाई साल के भीतर ही 12,000 मेगावाट बिजली उत्पादन बढ़ा दिया है।
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि अब राजस्थान बिजली के मामले में आत्मनिर्भर होने की राह पर है और आने वाले समय में राज्य बिजली लेने वाला नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों को बिजली देने वाला पावर हाउस बन चुका है। जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने बुनियादी सुविधाओं जैसे पानी और सड़क के मोर्चे पर भी अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।
जल संकट से मुक्ति और यमुना जल समझौता
राजस्थान के सबसे बड़े भौगोलिक और जल संकट के मुद्दों पर बात करते हुए सीएम भजनलाल शर्मा ने यमुना जल समझौते और अन्य महत्वाकांक्षी जल परियोजनाओं का विशेष तौर पर उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रेगिस्तान और सूखे से जूझ रहे इलाकों में खेतों और घर-घर तक पानी पहुंचाना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन जल योजनाओं को दशकों तक फाइलों में उलझाए रखा गया, उन्हें उनकी सरकार ने जमीन पर उतारने का काम किया है।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सुरक्षा का माहौल बनाए रखना सरकार की पहली जिम्मेदारी है। लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी समस्याओं पर बोलते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि आम नागरिकों को परेशान करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जनता को किसी भी तरह से डरने की आवश्यकता नहीं है।
रोजगार और पारदर्शिता पर बड़ा दावा
युवाओं और बेरोजगारों के लिए मुख्यमंत्री ने रोजगार के आंकड़ों की फेहरिस्त पेश की। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार अब तक प्रदेश के युवाओं को एक लाख 85 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र सौंप चुकी है। इसके अलावा एक लाख 22 हजार भर्तियों की प्रक्रिया को पूरी तरह से अमलीजामा पहनाया जा चुका है, जबकि करीब 70 हजार नए पदों के लिए भर्तियां निकाली गई हैं।
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार के समय हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मौजूदा सरकार में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे और पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है।
मेट्रो विस्तार और शहरी विकास की नई इबारत
शहरी परिवहन ढांचे की बात करें तो जयपुर मेट्रो के विस्तार का जिक्र करते हुए सीएम ने पिछली सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के पांच साल के लंबे कार्यकाल में केवल पांच किलोमीटर के आसपास ही मेट्रो लाइन का काम हो पाया था, जबकि उनकी सरकार ने अपने छोटे से कार्यकाल में ही लगभग 45 किलोमीटर लंबी नई मेट्रो लाइन के कार्यों का शिलान्यास किया है। यह इस बात का प्रमाण है कि विकास की गति अब सुस्त नहीं बल्कि बुलेट ट्रेन की रफ्तार से दौड़ रही है।
ट्रिपल इंजन सरकार का आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया में भारत का डंका बज रहा है और वैश्विक मंच पर देश की साख लगातार मजबूत हुई है। उन्होंने 'मोदी है तो मुमकिन है' के नारे को दोहराते हुए मतदाताओं से अपील की कि वे जातिगत और संकीर्ण समीकरणों से ऊपर उठकर सिर्फ और सिर्फ विकास के नाम पर अपना वोट दें।
सभा और रोड शो के समापन पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी ट्रिपल इंजन सरकार की वकालत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य में पहले से ही मजबूत भाजपा की सरकार काम कर रही है, और अब समय आ गया है कि स्थानीय नगर निकायों में भी पार्टी का बोर्ड बनाकर 'ट्रिपल इंजन' सरकार की स्थापना की जाए। नेताओं का दावा है कि यदि निकाय और पंचायत स्तर पर मजबूत नेतृत्व आएगा, तो केंद्र और राज्य की कल्याणकारी योजनाएं बिना किसी रुकावट के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेंगी।
अब देखना यह होगा कि जयपुर और प्रदेश के अन्य हिस्सों में हुए इस सियासी मंथन और रोड शो का असर मतदान के दिन ईवीएम पर कितना गहरा पड़ता है, और जनता 'विकसित राजस्थान, विकसित भारत' के इस नारे पर कितना भरोसा जताती है।