छत्तीसगढ़ में जनसेवा और सहभागिता के नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। राज्य के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित “सेवा संकल्प अभियान” की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं को अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाना और समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
वर्चुअल बैठक में बनी रूपरेखा, अधिकारियों को मिले कड़े निर्देश
बुधवार को आयोजित इस वर्चुअल बैठक में शासन स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े। बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने साफ शब्दों में निर्देश दिए कि इस अभियान को केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत से लेकर सुदूर ग्राम पंचायतों के अंतिम छोर तक प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जाए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में कलेक्टर संतन देवी जांगड़े, जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, पूर्व संसदीय सचिव एवं जिला अध्यक्ष चम्पा देवी पावले, नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ की अध्यक्ष प्रतिमा यादव, जिला पंचायत सदस्य उजित नारायण, अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, डिप्टी कलेक्टर नेहा खलखो के साथ-साथ तमाम जिलों के एसडीएम और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में इस अभियान को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।
17 सितंबर से शुरू होगा आयोजनों का सिलसिला
यह पूरा अभियान पूरे एक महीने यानी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक अलग-अलग चरणों और थीम के आधार पर संचालित किया जाएगा। कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने बैठक में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के पहले दिन यानी 17 सितंबर को “आशीर्वाद का दिया” कार्यक्रम का भव्य आयोजन होगा। इसके तहत जमीनी स्तर पर और हर घर में दीप प्रज्वलित किए जाएंगे, जिसकी तैयारियां प्रशासन ने पहले ही पूरी कर ली हैं।
इसके साथ ही विद्यालय स्तर पर “25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत” कार्यक्रम का आगाज होगा, जिसका उद्देश्य देश के नौनिहालों में भविष्य के प्रति सकारात्मक सोच और सपनों को पंख देना है। समाज में जनसेवा और सामाजिक सहभागिता के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने के लिए “नमो सेवा गाथा” के अंतर्गत गांवों, नगरों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा।
स्वास्थ्य, पोषण और बदलाव पर रहेगा विशेष फोकस
अभियान के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य और महिलाओं की जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। कलेक्टर ने बताया कि:
- 25 सितंबर को “आंगन का उत्सव”: जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में इस विशेष उत्सव का आयोजन होगा। इसमें बच्चों का वजन, नियमित टीकाकरण और स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के जरिए माताओं और बच्चों के पोषण स्तर को लेकर जागरूकता फैलाई जाएगी।
- “कहानी का बदलाव”: जिला स्तर और हर क्लस्टर स्तर पर उन कहानियों को मंच मिलेगा, जो समाज में सकारात्मक बदलाव और जनभागीदारी की प्रेरणा देती हैं।
विकास और जन-कल्याण के विभिन्न आयाम
इस एक महीने चलने वाले महा-अभियान में कई अन्य रचनात्मक और कल्याणकारी कार्यक्रम भी शामिल किए गए हैं:
- विकसित भारत संकल्प यात्रा: इसके तहत तीन दिवसीय विशेष आयोजनों की श्रृंखला चलाई जाएगी।
- सेवा ज्योति अभियान: ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली जाएगी, जो एकता और सेवा भाव का संदेश देगी।
- सेवा मेरा योगदान: इस कार्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं की सीधी सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
- सेवा सेतु अभियान - सरकार आपके द्वार: शासन की तमाम कल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं को सीधे आम जनता के घर-द्वार तक पहुंचाने के लिए विशेष शिविर और गतिविधियां आयोजित होंगी।
जनभागीदारी ही इस अभियान की असली ताकत
प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने बैठक के अंत में जोर देकर कहा कि इस तरह के अभियानों की सफलता केवल सरकारी तंत्र पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इसमें जनभागीदारी और आपसी समन्वय सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे आपसी तालमेल बिठाकर इस पूरे महीने चलने वाले कार्यक्रमों को ब्लॉक, मंडल और ग्राम पंचायत स्तर पर पूरी सक्रियता के साथ सफल बनाएं।
प्रशासन का मानना है कि इस अभियान के जरिए न केवल आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर विकास योजनाओं की रफ्तार को भी एक नई दिशा मिलेगी। आने वाले दिनों में इन कार्यक्रमों की रूपरेखा को लेकर जमीनी स्तर पर तैयारियां और तेज कर दी जाएंगी।