असम के नगांव जिले से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक वांछित पशु चोर को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर आरोपी के परिजनों और समर्थकों ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में खाटोवाल थाने के प्रभारी (SHO) समेत पांच पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
गेरुआआटी गांव में हुई खूनी झड़प
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना नगांव जिले के सामागुड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गेरुआआटी गांव की है। खाटोवाल पुलिस चौकी की एक विशेष टीम को क्षेत्र में सक्रिय एक शातिर पशु चोर रसिदुल हक के बारे में पुख्ता सूचना मिली थी। पुलिस को पता चला था कि आरोपी रसिदुल अपने घर पर ही मौजूद है। इसी सूचना के आधार पर थाना प्रभारी विष्णु देउरी के नेतृत्व में पुलिस बल ने उसकी गिरफ्तारी के लिए गुपचुप तरीके से उसके घर पर दबिश दी।
पुलिस टीम जब आरोपी को दबोचने के लिए उसके घर के अंदर पहुंची, तो स्थिति अचानक पूरी तरह बदल गई। पुलिस को देखकर आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों के तेवर आक्रामक हो गए। इससे पहले कि पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, घर की महिलाओं और अन्य सदस्यों ने मिलकर पुलिस दल पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया।
थाना प्रभारी विष्णु देउरी समेत पांच पुलिसकर्मी जख्मी
हमलावरों ने पूरी योजना के तहत पुलिसकर्मियों को घेर लिया। इस अप्रत्याशित और अचानक हुए हिंसक हमले में खाटोवाल थाना प्रभारी विष्णु देउरी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके अलावा चार अन्य पुलिसकर्मी भी इस झड़प में बुरी तरह जख्मी हुए हैं। घायलों में कुछ आरक्षी भी शामिल हैं जिन्हें शरीर के कई हिस्सों में अंदरूनी चोटें आई हैं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। तुरंत ही आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर रवाना किया गया। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। गनीमत यह रही कि सभी घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने खाकी की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मौके का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी रसिदुल फरार
पुलिस और परिजनों के बीच हुई इस हाथापाई और हंगामे का पूरा फायदा मुख्य आरोपी रसिदुल हक ने उठाया। पुलिसकर्मियों के उलझे होने का लाभ उठाते हुए वह मौके से भागने में सफल रहा। अंधेरे और स्थानीय भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर वह पुलिस की गिरफ्त से दूर निकलने में कामयाब हो गया।
घटना के तुरंत बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमले में प्रत्यक्ष रूप से शामिल परिवार के कई अन्य सदस्यों और संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। उनसे थाने में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह हमला सिर्फ तात्कालिक प्रतिक्रिया थी या फिर इसके पीछे कोई सोची-समझी साजिश थी।
फरार आरोपी की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी जारी
जिला पुलिस प्रशासन ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। फरार पशु चोर रसिदुल हक को दबोचने के लिए पुलिस ने कई टीमों का गठन किया है। उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। असम पुलिस के उच्च अधिकारियों का कहना है कि कानून को अपने हाथ में लेने वाले और पुलिस पर हमला करने वाले किसी भी बख्शा नहीं जाएगा।
- घटनास्थल: गेरुआआटी गांव, सामागुड़ी, नगांव (असम)
- मुख्य आरोपी: रसिदुल हक (पशु चोरी के मामले में वांछित)
- घायल अधिकारी: थाना प्रभारी विष्णु देउरी और चार अन्य पुलिसकर्मी
- वर्तमान स्थिति: कई संदिग्ध हिरासत में, मुख्य आरोपी की तलाश में कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी
सुरक्षा बलों पर बढ़ते हमलों पर गहरी चिंता
देश के अलग-अलग हिस्सों में अपराधियों द्वारा पुलिस दलों पर हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो समाज के लिए एक चिंता का विषय है। कानून के रखवालों पर इस तरह का सीधा हमला न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कुछ अपराधियों और असामाजिक तत्वों के मन से कानून का डर पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
नगांव की इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में भी भारी रोष है। आम जनता का मानना है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी कानून को अपने हाथ में लेने की हिम्मत न जुटा सके। फिलहाल, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन पुलिस की टीमें हर संभावित कोने में फरार रसिदुल हक की धरपकड़ के लिए जुटी हुई हैं।