देश के कई हिस्सों में मॉनसून एक बार फिर से बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर चुका है। आज यानी 11 सितंबर 2026 को बंगाल की खाड़ी में बने एक तीव्र कम दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) ने मौसम का मि पूरी तरह से बदल दिया है। मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों के मुताबिक, इस मौसमी तंत्र का सीधा असर देश के मध्य, पूर्वी और दक्षिणी प्रायद्वीपीय राज्यों पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। समुद्र में उठे इस उथल-पुथल के कारण कई राज्यों में मूसलाधार बारिश और तेज आंधी-तूफान का दौर शुरू हो गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को भी पूरी तरह से सतर्क कर दिया गया है।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट, जनजीवन प्रभावित
मौसम विज्ञान विभाग के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, आज उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे इलाकों में सक्रिय हुए लो-प्रेशर एरिया के साथ-साथ एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) भी जुड़ गया है। इसके अलावा उत्तर और मध्य भारत तक फैली ट्रफ लाइन ने इस सिस्टम को और अधिक मजबूत कर दिया है।
इस खतरनाक मौसमी संयोजन के चलते ओडिशा में आज बेहद भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां कुछ चुनिंदा इलाकों में 115.6 मिलीमीटर से लेकर 204.4 मिलीमीटर तक भारी पानी बरसने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश व यनम के कई हिस्सों में भी बादलों का यह तांडव देखने को मिलेगा, जहां सामान्य से कहीं अधिक बारिश होने के पूरे आसार हैं।
इन राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
भारी बारिश का यह दायरा केवल ओडिशा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई अन्य महत्वपूर्ण राज्यों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। मौसम प्रणाली के असर से निम्नलिखित क्षेत्रों में भारी बारिश (64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक) का अनुमान लगाया गया है:
- पूर्वी मध्य प्रदेश
- विदर्भ क्षेत्र
- गंगा के मैदानी इलाकों से सटे पश्चिम बंगाल के हिस्से
- झारखंड
- पहाड़ी राज्य उत्तराखंड
- पूर्वोत्तर के राज्य असम और मेघालय
- तेलंगाना
- दक्षिण का प्रमुख राज्य केरल और माहे
इन सभी क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्राएं न करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। विशेष तौर पर पहाड़ी और नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
तूफानी हवाओं और समुद्री चेतावनी का दौर
बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं इस वेदर सिस्टम का एक और डरावना पहलू बनकर सामने आ रही हैं। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के समुद्र तटों पर हवाएं बेहद आक्रामक रूप ले सकती हैं। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले तेज हवा के झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार भी छू सकते हैं, जो कि मछुआरों और समुद्री गतिविधियों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में भी 40 से 50 किमी/घंटा की गति से चलने वाली हवाएं 60 किमी/घंटा तक की रफ्तार पकड़ सकती हैं। तेलंगाना और रायलसीमा के इलाकों में 30 से 40 किमी/घंटा की गति से हवा के झोंके चलने का अनुमान है। उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बिजली गिरने (Lightning) की भी प्रबल संभावना है।
देश के बाकी हिस्सों में मौसम का हाल
देश के अन्य हिस्सों की बात करें तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा (NMMT), और कोंकण-गोवा में भी बारिश का असर लगातार बना रहेगा।
दूसरी ओर, देश के उत्तर-पश्चिमी और पश्चिमी हिस्सों जैसे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ, मध्य महाराष्ट्र, कर्नाटक और लक्षद्वीप में फिलहाल छिटपुट या हल्की बौछारें पड़ने की ही उम्मीद है। यहां व्यापक बाढ़ या भारी तबाही जैसी कोई चेतावनी नहीं है, लेकिन उमस और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।
दिल्ली-NCR में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आज आसमान मुख्य रूप से बादलों के आगोश में रहेगा। सुबह से लेकर दोपहर तक शहर के कई इलाकों में बहुत हल्की से लेकर हल्की बारिश होने के साथ-साथ बादलों के गरजने और बिजली चमकने की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। राहत की बात यह है कि दिन के समय बहुत भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन रात के वक्त बारिश का एक और नया दौर दिल्लीवासियों को भिगो सकता है।
तापमान के मोर्चे पर बात करें तो, आज दिल्ली-NCR में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है, जो कि इस मौसम के लिहाज से सामान्य के आसपास ही है। वहीं न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के दायरे में रहने की उम्मीद है। हवाओं की दिशा और गति पर नजर डालें तो, सुबह के वक्त उत्तर-पश्चिम दिशा से करीब 20 किमी/घंटा की रफ्तार से सतही हवाएं चलेंगी, जो दोपहर होते-होते दक्षिण-पश्चिम दिशा (लगभग 18 किमी/घंटा) की ओर मुड़ जाएंगी। शाम और रात ढलते-ढलते हवाओं का रुख दक्षिण-पूर्व की ओर हो जाएगा जिनकी गति घटकर करीब 15 किमी/घंटा रह जाएगी।
सुरक्षा उपाय और सलाह
चूंकि ओडिशा, आंध्र प्रदेश और आसपास के कई राज्यों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है, ऐसे में मौसम विभाग ने आम जनता को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या कमजोर संरचनाओं के पास शरण लेने से बचें। बिजली कड़कने के समय खुले में जाने से परहेज करें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।