वाराणसी की तंग गलियों में सीवर का उफनता पानी और जगह-जगह जलभराव की समस्या इन दिनों स्थानीय नागरिकों के लिए एक बड़ा नासूर बन चुकी है। इसी क्रम में काशी के जंगमवाड़ी वार्ड के हालात का जायजा लेने जब नगर आयुक्त खुद सड़कों पर उतरे, तो व्यवस्था की पोल खुलकर सामने आ गई। गलियों में भरा गंदा पानी और उससे उठती बदबू को देखकर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
अचानक निरीक्षण से मचा हड़कंप, कालिया गली से खालिसपुरा तक पहुंचे नगर आयुक्त
गुरुवार को वाराणसी नगर निगम के प्रशासनिक मुखिया हिमांशु नागपाल ने बिना किसी पूर्व सूचना के जंगमवाड़ी वार्ड के विभिन्न इलाकों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कालिया गली, हनुमान गली, पातालेश्वर गली और खालिसपुरा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों का पैदल भ्रमण किया। इन गलियों में स्थिति यह थी कि लोगों के घरों के बाहर और रास्तों पर सीवर का गंदा पानी फैला हुआ था।
वार्ड के निवासियों ने लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से नगर आयुक्त को अवगत कराया। नागरिकों का कहना था कि बार-बार शिकायत के बावजूद केवल खानापूर्ति की जाती है और पंप लगाकर पानी थोड़ी देर के लिए निकाल दिया जाता है, लेकिन समस्या का कोई स्थायी हल नहीं निकलता है।
अस्थायी नहीं, चाहिए स्थायी समाधान: हिमांशु नागपाल
निरीक्षण के दौरान जब नगर आयुक्त ने गलियों में हर तरफ सीवर का पानी देखा, तो वह जलकल विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों पर काफी नाराज हुए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि केवल पंप लगाकर पानी निकाल देना इस समस्या का विकल्प नहीं है।
उन्होंने जलकल विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सीवर लाइन में जहां भी तकनीकी खामी या ब्लॉकेज है, उसकी तह तक जाकर उसे पूरी तरह दुरुस्त किया जाए। मुख्य सीवर लाइनों की सफाई मशीनों के जरिए कराई जाए ताकि भविष्य में इन ऐतिहासिक और संकीर्ण गलियों में दोबारा जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
बीमारी फैलने का डर, एंटी-लार्वा छिड़काव के आदेश
बरसात और सीवर के रुके हुए पानी के कारण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ने की आशंका है। इसे गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अमले को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाया जाए।
- मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए तत्काल एंटी-लार्वा का छिड़काव हो।
- ब्लीचिंग पाउडर और सैनिटाइजेशन का काम नियमित रूप से किया जाए।
- स्थानीय स्वच्छता निरीक्षकों की जवाबदेही तय की जाए।
मौके पर मौजूद रहे तमाम बड़े अधिकारी
इस स्थलीय निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त के साथ नगर निगम और जलकल विभाग के कई शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। क्षेत्रीय पार्षद विजय द्विवेदी ने भी वार्ड की जनता की समस्याओं को प्रमुखता से अधिकारियों के सामने रखा। जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण मिश्र, जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता (ईई), अवर अभियंता (जेई) और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान काफिले में शामिल रहे।
अधिकारियों ने नगर आयुक्त को भरोसा दिलाया है कि अगले कुछ घंटों के भीतर सीवर लाइन की सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा और पानी की निकासी को सुचारू बना दिया जाएगा। हालांकि, जनता की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह प्रशासनिक सख्ती सिर्फ एक औपचारिकता बनकर रह जाती है या वाकई उन्हें इस नर्क जैसी जिंदगी से स्थायी मुक्ति मिलती है।