उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बैठकों और दौरों का दौर लगातार जारी है। इसी कड़ी में आगामी 12 सितंबर 2026 को औरैया जनपद में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर रहने वाली है। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल पहली बार इस तिथि को औरैया के आधिकारिक दौरे पर पहुंच रहे हैं। उनके इस आगमन को लेकर स्थानीय स्तर पर पार्टी के भीतर बैठकों का दौर शुरू हो चुका है और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
सांई मंदिर परिसर में होगा भव्य पीडीए कार्यकर्ता सम्मेलन
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष के इस दौरे का मुख्य आकर्षण शहर के प्रसिद्ध सांई मंदिर परिसर में आयोजित होने वाला विशाल 'पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) कार्यकर्ता सम्मेलन' है। इस सम्मेलन के माध्यम से समाजवादी पार्टी एक बार फिर अपने मूल सियासी समीकरण और जमीन पर पकड़ मजबूत करने की कवायद में जुटी है।
सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने हाल ही में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान इस पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा मीडिया के सामने रखी। उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल का काफिला तय कार्यक्रम के मुताबिक 12 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे औरैया सीमा में प्रवेश करेगा।
दौरे का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम और रणनीति
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्यामलाल पाल का यह दौरा सांगठनिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके आगमन के बाद के शुरुआती दो घंटे यानी सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक का समय पूरी तरह से आंतरिक बैठकों के लिए आरक्षित किया गया है।
- स्थानीय नेताओं से मुलाकात: सुबह 10 बजे औरैया पहुंचने के बाद प्रदेश अध्यक्ष स्थानीय पार्टी पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे।
- संगठन की समीक्षा: इस दौरान जिले की सांगठनिक गतिविधियों, अब तक के कार्यों और आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर गहन मंथन किया जाएगा।
- बूथ स्तर की मजबूती: पार्टी का मुख्य जोर इस बात पर है कि बूथ स्तर पर संगठन को कैसे और अधिक धारदार बनाया जाए।
पीडीए फार्मूले पर पार्टी का पूरा फोकस
समाजवादी पार्टी की रणनीति हमेशा से पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों (PDA) को साथ लेकर चलने की रही है। औरैया में होने वाला यह सम्मेलन इसी कड़ी का एक अहम हिस्सा है। इस सम्मेलन में न केवल जनपद भर के पार्टी पदाधिकारी हिस्सा लेंगे, बल्कि बूथ स्तर पर पार्टी की रीढ़ माने जाने वाले बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) भी बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी हवा का रुख भांपते हुए सपा अपने इस सबसे कारगर सियासी अस्त्र को और मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। पीडीए वर्ग के मतदाताओं को एकजुट करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष खुद मैदान में उतरकर संवाद स्थापित कर रहे हैं, जिसका सीधा असर जमीनी स्तर पर देखने को मिल सकता है.
कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह
जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने प्रेसवार्ता में यह भी स्पष्ट किया कि इस सम्मेलन का एकमात्र उद्देश्य पार्टी के कार्यकर्ताओं को आगामी कार्यक्रमों और संगठन की नीतियों से सीधे तौर पर अवगत कराना है। प्रदेश अध्यक्ष के आगमन की खबर मिलते ही स्थानीय कार्यकर्ताओं में एक अलग ही ऊर्जा का संचार हुआ है। सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए शहर से लेकर गांव तक के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
तैयारियों का जायजा लेने और उन्हें अंतिम रूप देने के लिए स्थानीय स्तर पर लगातार बैठकें की जा रही हैं ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की व्यवस्था में कोई कमी न रह जाए।
प्रेसवार्ता में शामिल रहे प्रमुख चेहरे
कार्यक्रम की तैयारियों को पुख्ता करने और मीडिया को इसकी जानकारी देने के लिए बुलाई गई प्रेसवार्ता में औरैया सपा के कई दिग्गज नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पूर्व विधायक मदन गौतम, सुमन दिवाकर, राजकुमार गौतम, बड़े गौर, ओके चौधरी, हरीशंकर दिवाकर, धीरेन्द्र दोहरे, लालता प्रसाद शंखवार, हरीशंकर यादव और राम रतन दोहरे समेत तमाम प्रमुख नेता उपस्थित रहे। इन सभी नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को लामबंद करने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली है।
बहरहाल, 12 सितंबर को होने वाला यह पीडीए सम्मेलन औरैया के सियासी गलियारों में कितना असर छोड़ेगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल इस दौरे ने जिले की राजनीति का पारा जरूर चढ़ा दिया है।