भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में ग्राहकों का क्रेज इस कदर बढ़ चुका है कि वाहन निर्माताओं के लिए मांग और आपूर्ति (Demand and Supply) के बीच संतुलन बनाना किसी चुनौती से कम नहीं रहा है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) के साथ इस समय कुछ ऐसा ही दिलचस्प और चिंताजनक वाकया देखने को मिल रहा है। कंपनी के पोर्टफोलियो में शामिल गाड़ियों के लिए दीवानगी इतनी अधिक बढ़ चुकी है कि शोरूम्स के बाहर लंबी कतारें लगी हैं, लेकिन डिलीवरी का इंतजार करने वाले ग्राहकों की फेहरिस्त भी लगातार लंबी होती जा रही है।
दो लाख का आंकड़ा पार, आखिर क्यों बढ़ रहा है वेटिंग पीरियड?
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय बाजार में मारुति सुजुकी के विभिन्न मॉडल्स की कुल पेंडिंग बुकिंग्स का आंकड़ा 2 लाख के पार पहुंच गया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि त्योहारी सीजन से ठीक पहले इस तरह की बंपर डिमांड ने एक तरफ जहां ऑटो सेक्टर की मजबूत रिकवरी को दर्शाया है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी प्रबंधन की नींद भी उड़ाई है। ग्राहकों को अपनी पसंदीदा गाड़ी घर लाने के लिए महीनों का इंतजार करना पड़ रहा है।
आखिर ऐसा क्या हो गया है कि लोग मारुति की गाड़ियों पर इतना भरोसा जता रहे हैं? इसका सबसे बड़ा जवाब भारतीय उपभोक्ताओं की बदलती पसंद और आधुनिक फीचर्स की चाहत है। किफायती होने के साथ-साथ अब लोग सुरक्षा, बेहतरीन माइलेज और एसयूवी (SUV) लुक को पहली प्राथमिकता दे रहे हैं।
ब्रेजा की रिकॉर्ड तोड़ मांग ने बढ़ाई कंपनी की टेंशन
इस पूरी पेंडिंग लिस्ट में सबसे बड़ा योगदान किसी और का नहीं, बल्कि कंपनी की लोकप्रिय कॉम्पैक्ट एसयूवी मारुति सुजुकी ब्रेजा (Maruti Suzuki Brezza) का है। बाजार में आते ही इस गाड़ी ने धूम मचा रखी थी, लेकिन मौजूदा समय में इसकी मांग ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
- एसयूवी सेगमेंट का दबदबा: भारतीय बाजार में आजकल सेडान और हैचबैक के मुकाबले एसयूवी की मांग आसमान छू रही है। ब्रेजा इस सेगमेंट में मारुति का सबसे मजबूत तुरुप का इक्का साबित हुई है।
- हाई-टेक फीचर्स और दमदार इंजन: आधुनिक डिजाइन, सनरूफ, बेहतरीन माइलेज और भरोसेमंद इंजन के कारण युवा खरीदार इस गाड़ी की तरफ सबसे ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।
- डीजल-मुक्त विकल्प: केवल पेट्रोल और सीएनजी विकल्पों में उपलब्ध होने के बावजूद इसकी बिक्री के आंकड़े हैरान करने वाले हैं।
ब्रेजा की इस बेजोड़ लोकप्रियता के चलते इसका वेटिंग पीरियड कई शहरों में हफ्तों से बढ़कर महीनों तक पहुंच गया है। जिन ग्राहकों ने बुकिंग करवा ली है, वे अब डीलरशिप के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
मांग को पूरा करने के लिए मारुति ने उठाया बड़ा कदम
लगातार बढ़ रही पेंडिंग बुकिंग्स और ग्राहकों के बढ़ते गुस्से को भांपते हुए मारुति सुजुकी प्रबंधन ने इस समस्या से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। कंपनी ने अपनी विनिर्माण इकाइयों (Manufacturing Plants) में उत्पादन क्षमता को बढ़ाने का फैसला लिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कार निर्माता कंपनी ने अपने प्लांट्स में शिफ्ट्स की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ कार्यकुशलता को भी तेज कर दिया है ताकि हर महीने ज्यादा से ज्यादा गाड़ियां रोल-आउट की जा सकें। कंपनी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आगामी त्योहारों और शादियों के सीजन से पहले अधिक से अधिक ग्राहकों को उनकी सपनों की कार समय पर सौंपी जा सके।
ऑटो बाजार पर इसका क्या असर होगा?
ऑटो सेक्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि मारुति सुजुकी के पास 2 लाख से ज्यादा पेंडिंग बुकिंग्स का होना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय अर्थव्यवस्था और मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति (Purchasing Power) मजबूत बनी हुई है। हालांकि, यदि डिलीवरी का समय बहुत ज्यादा लंबा खिंचता है, तो कुछ ग्राहक कॉम्पिटिटर्स की तरफ रुख कर सकते हैं, और यही वह जोखिम है जिससे बचने के लिए मारुति इतनी तेजी से अपना प्रोडक्शन बढ़ा रही है।
यदि आपने भी हाल ही में मारुति की कोई नई कार बुक कराई है, खासकर ब्रेजा, तो आपको अपनी डिलीवरी के लिए थोड़ा और सब्र करना पड़ सकता है। हालांकि, कंपनी के इस नए कदम के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि वेटिंग पीरियड में जल्द ही कमी देखने को मिलेगी।