उत्तर प्रदेश के चन्दौली जिले के ऐतिहासिक रामगढ़ स्थित अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर पीठ रामशाला में आध्यात्मिकता और भक्ति का अद्भुत महाकुंभ सज चुका है। अवसर है महान संत अघोराचार्य बाबा कीनाराम के 427वें जन्मोत्सव का, जिसका विधिवत और भव्य आगाज हो चुका है। इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालु और भक्त रामगढ़ पहुंच रहे हैं। पूरा क्षेत्र बाबा कीनाराम के जयकारों और अघोर मंत्रों से गुंजायमान हो गया है।
लाखों भक्तों का जनसैलाब और अलौकिक माहौल
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 10 सितंबर से 12 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय भव्य जन्मोत्सव समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के पहले ही दिन मठ परिसर और आसपास के इलाकों में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि चन्दौली की सड़कें और गलियां पूरी तरह भक्तों से पट गईं। उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, बंगाल और देश के अन्य राज्यों से आए अघोर अनुयायी इस पावन पर्व के साक्षी बन रहे हैं।
रामगढ़ का यह पूरा क्षेत्र इस समय किसी महातीर्थ से कम नहीं लग रहा है। जगह-जगह भंडारे, भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक चर्चाओं का दौर चल रहा है। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पीठ के स्वयंसेवकों द्वारा कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि बाहर से आने वाले किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े.
मुखिया मुकेश साहनी का सख्त और स्पष्ट निर्देश: बिना आईडी कार्ड नहीं मिलेगी सेवा का मौका
इस भव्य आयोजन के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण निर्देश सामने आया है, जो सभी सेवादारों और जान सेवकों के लिए जानना अनिवार्य है। व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने और अनुशासन बनाए रखने के लिए आयोजकों की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जो भी व्यक्ति बाबा जी की सेवा करना चाहता है, उसके लिए आधिकारिक परिचय-पत्र (आईडी कार्ड) होना अनिवार्य है।
"मुकेश साहनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि सचमुच बाबा जी की सेवा करनी है, तो आईडी कार्ड लेना बहुत जरूरी है। कृपया कार्यालय से अपना परिचय-पत्र (आईडी कार्ड) बनवाकर ही सच्चे जान सेवक के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान करें।"
इस नियम के पीछे मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भीड़भाड़ के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न फैले और केवल अधिकृत लोग ही सेवा कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लें। कार्यालय से आईडी कार्ड प्राप्त करने के बाद ही सेवादारों को उनके तय दायित्व सौंपे जा रहे हैं।
तीन दिवसीय कार्यक्रमों की रूपरेखा
अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर पीठ रामशाला, रामगढ़ (चन्दौली) में आयोजित इस त्रिवर्षीय/वार्षिक जन्मोत्सव के दौरान कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है:
- 10 सितम्बर 2026: जन्मोत्सव का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा और भक्तों का आगमन।
- 11 सितम्बर 2026: विशेष अघोर साधना सत्र, संगीतमय सत्संग और सांस्कृतिक-आध्यात्मिक प्रस्तुतियां।
- 12 सितम्बर 2026: महाप्रसाद वितरण, समापन समारोह और संत-विद्वानों के आशीर्वचन।
अघोर परंपरा और बाबा कीनाराम का संदेश
अघोराचार्य बाबा कीनाराम केवल एक संत नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और समता के प्रतीक थे। उनका जीवन समाज के शोषित, पीड़ित और उपेक्षित वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित रहा। उनका यह 427वां जन्मोत्सव न केवल उनके अनुयायियों के लिए बल्कि पूरे समाज को प्रेम, भाईचारा और सेवा का पाठ पढ़ाने का अवसर है।
मठ प्रबंधन ने सभी आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शांति और अनुशासन का परिचय दें। प्रशासनिक अधिकारियों और वालंटियर्स का पूरा सहयोग करें, ताकि यह जन्मोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हो सके और हर कोई बाबा कीनाराम के दर्शन का लाभ उठा सके।