बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बार फिर बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को और अधिक सुचारू तथा गतिशील बनाने के लिए बिहार राजस्व सेवा के तीन महत्वपूर्ण अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है, जिसके बाद से संबंधित जिलों और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा प्रशासनिक आदेश राज्यपाल के नाम से जारी किया गया है। सरकार का यह कदम खासकर ग्रामीण इलाकों में भूमि विवादों के त्वरित निपटारे और राजस्व कार्यों में आ रही सुस्ती को दूर करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। आइए जानते हैं कि इस नए फेरबदल के तहत किस अधिकारी को कौन सी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन तीन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 7 सितंबर 2026 को जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक, राज्य के तीन अलग-अलग जिलों में तैनात अनुमण्डल राजस्व पदाधिकारियों को उनके मौजूदा दायित्वों के साथ-साथ 'भूमि सुधार उप समाहर्ता' (DCLR) का कार्यभार भी संभालना होगा। इन अधिकारियों का विवरण इस प्रकार है:
- पंकज कुमार झा: मूल रूप से मधुबनी जिले के रहने वाले पंकज कुमार झा वर्तमान में समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय में अनुमण्डल राजस्व पदाधिकारी के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सरकार ने अब इन्हें दलसिंहसराय अनुमंडल का भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) नियुक्त किया है।
- पवन कुमार झा: शिवहर जिले के मूल निवासी पवन कुमार झा अब तक पूर्वी चम्पारण के अरेराज में कार्यरत थे। प्रशासनिक सुधार के तहत इन्हें अब अरेराज अनुमंडल के DCLR की कमान सौंपी गई है।
- विकास कुमार सिंह: जमुई जिले के मूल निवासी विकास कुमार सिंह वर्तमान में अररिया सदर में अनुमण्डल राजस्व पदाधिकारी के रूप में पदस्थापित हैं। इन्हें 'अररिया सदर-1' अनुमंडल के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ता का विशेष प्रभार दिया गया है।
विकास कुमार सिंह के दायरे में आएंगे तीन अहम अंचल
अररिया में तैनात विकास कुमार सिंह के कार्यक्षेत्र को स्पष्ट करते हुए विभाग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उनके प्रशासनिक क्षेत्राधिकार के अंतर्गत कुल तीन प्रमुख अंचलों को शामिल किया गया है, जिनमें अररिया, जोकीहाट और रानीगंज शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अब भूमि से जुड़े तमाम बड़े फैसले और मुकदमों की सुनवाई वे बतौर DCLR करेंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव ने जारी किया आदेश
यह पूरा प्रशासनिक आदेश सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव राजीव रंजन दास के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। पारदर्शिता और प्रशासनिक निर्देशों के अनुपालन के तहत इस अधिसूचना की आधिकारिक प्रतियां महालेखाकार (बिहार), मुख्यमंत्री सचिवालय, उप मुख्यमंत्री कार्यालय, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के साथ-साथ संबंधित जिलों के जिला कोषागारों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं ताकि बिना किसी देरी के चार्ज ट्रांसफर और कामकाज की शुरुआत की जा सके।
भूमि सुधार कार्यों में आएगी तेजी, आम जनता को मिलेगी राहत
बिहार में भूमि विवाद हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रहे हैं। सरकार के इस ताजा फैसले से समस्तीपुर, पूर्वी चम्पारण और अररिया जिलों के आम नागरिकों को खासी राहत मिलने की उम्मीद है। जानकारों का मानना है कि अनुमण्डल राजस्व पदाधिकारियों को सीधे DCLR के रूप में अधिकृत किए जाने से निम्नलिखित क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा:
- लंबे समय से लंबित पड़े भूमि विवादों के मामलों का त्वरित निष्पादन।
- राजस्व अदालतों में मुकदमों की सुनवाई की गति में तेजी।
- दाखिला-खारिज (Mutation) और जमीन की पैमाइश से जुड़े मामलों में पारदर्शिता।
- आम जनता को अपने छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों के लिए अनावश्यक चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
बिहार सरकार का यह कदम राज्य में गवर्नेंस को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इन अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद प्रशासनिक कसावट और अधिक स्पष्ट रूप से सामने आएगी।