बरौली से देवापुर तक प्रशासनिक चौकसी तेज, सोनवर्षा में उतरेगा हेलीकॉप्टर
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गोपालगंज जिले के दौरे को लेकर प्रशासनिक महकमे ने कमर कस ली है। बरौली प्रखंड मुख्यालय से लेकर देवापुर तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। खराब मौसम और शुक्रवार को दिनभर हुई बूंदाबांदी के बावजूद जिला प्रशासन के अधिकारी यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। मुख्यमंत्री के आगमन के मद्देनजर पूरे रूट पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके।
सोनवर्षा में हेलीपैड और यातायात डायवर्जन
तय कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर सोनवर्षा क्षेत्र में एक खेत पर बनाए गए अस्थायी हेलीपैड पर उतरेगा। हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद उनका काफिला सड़क मार्ग के जरिए लग्जरी वाहन से देवापुर के लिए रवाना होगा। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए सोनवर्षा से देवापुर तक मार्ग के दोनों किनारों पर बैरिकेडिंग की गई है। रूट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के तहत हर 100 गज की दूरी पर पुलिस जवानों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा, सुरक्षा कारणों से हैलीपैड वाले बरौली-सोनवर्षा मार्ग पर भारी चारपहिया वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
पूर्व मंत्री ब्रजकिशोर नारायण सिंह की 92वीं जयंती में होगी शिरकत
मुख्यमंत्री गोपालगंज के देवापुर में आयोजित पूर्व मंत्री स्वर्गीय ब्रजकिशोर नारायण सिंह उर्फ 'बाबू साहब' की 92वीं जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह भव्य कार्यक्रम बरौली के विधायक एवं सत्तारूढ़ दल के उप मुख्य सचेतक मंजीत सिंह के निजी आवास पर आयोजित किया जा रहा है। जयंती समारोह को लेकर विधायक आवास और आसपास के पूरे इलाके में विशेष तैयारियां की गई हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश सरकार के कई अन्य मंत्रियों के भी गोपालगंज पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जिसे लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
प्रशासनिक निगरानी और अधिकारियों को निर्देश
जिला और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार सुरक्षा घेरे, ट्रैफिक प्लान और कार्यक्रम स्थल की समीक्षा की जा रही है। बारिश के बीच भी प्रशासनिक अमला तैयारियों का जायजा लेने में मुस्तैद दिखा। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए और आम जनता को यातायात संबंधी कम से कम असुविधा हो।