दीपावली और छठ के मौके पर दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से बिहार आने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। रेलवे में लंबी वेटिंग लिस्ट और टिकटों की मारामारी के बीच बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की अनुबंधित बसों का संचालन पांच नवंबर से शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी समेत विभिन्न जिलों से दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लिए इन बसों का संचालन किए जाने की योजना है। परिवहन विभाग की इस संभावित पहल से त्योहारी सीजन में घर लौटने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है।
गारंटीड कंफर्म टिकट और विभिन्न श्रेणियों की बसें
परिवहन विभाग की इस योजना के तहत यात्रियों को एसी और नॉन-एसी दोनों श्रेणियों में गारंटीड कंफर्म टिकट मिल सकेंगे। चलाई जाने वाली बसें स्लीपर और सीटर (कुर्सी यान) दोनों स्वरूपों में उपलब्ध होंगी। त्योहारी सीजन के दौरान निजी बस संचालकों द्वारा वसूले जाने वाले मनमाने किराए से परेशान यात्रियों को इन निगम-अनुबंधित बसों से किफायती और सुगम विकल्प मिलने की संभावना है।
अनुदान को लेकर स्थिति एक नवंबर तक होने की उम्मीद स्पष्ट
मुजफ्फरपुर के इमलीचट्टी स्थित निगम कार्यालय में पटना मुख्यालय स्तर से मिल रही जानकारियों के आधार पर बसों के संचालन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। हालांकि, बस संचालकों को इस बार सरकार की ओर से वित्तीय अनुदान मिलेगा या नहीं और परिचालन की विस्तृत रूपरेखा क्या होगी, इसे लेकर अभी आधिकारिक विभागीय दिशा-निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। जानकारों का मानना है कि एक नवंबर तक इस संबंध में पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
पिछले वर्ष हुआ था 40 एसी स्लीपर बसों का परिचालन
गौरतलब है कि पिछले वर्ष निगम के अधीन अंतर-राज्यीय (इंटर स्टेट) बस परिचालन पर सरकार की ओर से अनुदान दिया गया था, जिससे संचालकों को आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिलती थी। बीते वर्ष मुजफ्फरपुर सहित विभिन्न रूटों पर करीब 40 एसी स्लीपर बसों का सफलतापूर्वक संचालन किया गया था। इस बार अनुदान बंद होने की चर्चा के शुरुआती दौर में निजी बस संचालक परिचालन में रुचि नहीं दिखा रहे थे, लेकिन अब कई संचालकों के आगे आने से एक बार फिर से इन बसों के चलने की उम्मीदें मजबूत हुई हैं।