देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पटना साहिब में 360वें प्रकाश पर्व की तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो गई हैं। प्रशासन ने आवासन, यातायात, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं।
पटना साहिब में आयोजित होने वाले 360वें प्रकाश पर्व के दौरान देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। आयोजन के दौरान अंतरराष्ट्रीय सिख कॉन्क्लेव, सांस्कृतिक कार्यक्रम, गतका व घुड़सवारी प्रतियोगिता के साथ-साथ आधुनिक ड्रोन शो मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगे। श्रद्धालुओं को ठहरने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष रूप से टेंट सिटी का निर्माण किया जाएगा।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश
प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रकाश पर्व की तैयारियों की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की गई। आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी व्यवस्थाएं तय समयसीमा के भीतर पूरी की जानी चाहिए ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन, ठहरने और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े। बैठक में नगर आयुक्त यशपाल मीणा, उप विकास आयुक्त शुभम कुमार, डीआइजी जितेंद्र राणा, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सम्मानित सदस्य और विभिन्न विभागों के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
नक्शे के आधार पर तय होंगे स्थान
आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के आवासन, आवागमन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की एक व्यवस्थित और सुचारू योजना तैयार करने के लिए पर्यटन विभाग और पटना सिटी के भूमि सुधार उप समाहर्ता को संयुक्त रूप से नजरी नक्शा तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसी नक्शे के आधार पर टेंट सिटी के निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुनियोजित पार्किंग स्थल और यातायात संचालन की एक प्रभावी कार्ययोजना भी पहले से ही तैयार करने को कहा गया है ताकि पर्व के दौरान शहर में ट्रैफिक जाम की स्थिति से बचा जा सके।
सड़क, पेयजल और स्वच्छता पर विशेष जोर
बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त रखने के लिए विभिन्न विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं:
- सड़क निर्माण विभाग: सड़कों की आवश्यकतानुसार मरम्मत, स्ट्रीट लाइट व एलईडी लाइट्स की व्यवस्था और मार्गों का सुंदरीकरण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
- नगर निगम: आयोजन स्थल और उसके आसपास के इलाकों में नियमित सफाई, पर्याप्त संख्या में मोबाइल टायलेट, यूरिनल और डस्टबिन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
- लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED): श्रद्धालुओं के लिए वाटर एटीएम, पानी के टैंकर और पर्याप्त पेयजल की सुगम व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का पुख्ता बंदोबस्त
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए आवश्यकतानुसार विशेष पुलिस चौकियां (पुलिस पोस्ट) स्थापित करें। वहीं, स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त संख्या में अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र और चिकित्सा सुविधाएं मुमुक्षु श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके साथ ही, आयोजन स्थल और उसके आसपास के क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने और नागरिक सुविधाओं को पूरी तरह दुरुस्त रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है।