तारापुर-सुल्तानगंज मार्ग पर हुआ हादसा, परीक्षा केंद्र भागलपुर जा रहा था मेधावी छात्र
बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर थाना क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 13 वर्षीय छात्र की जान चली गई। छात्र अपनी नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए मामा के साथ बाइक पर सवार होकर भागलपुर जा रहा था। इसी दौरान धौनी गांव के पास बजरंगबली मंदिर के समीप गिट्टी लदे एक तेज रफ्तार 18 चक्के वाले हाइवा ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है।
सपनों के सफर पर निकला था मासूम
मृतक छात्र की पहचान बांका जिले के सुईया गांव निवासी शिक्षक गंगाधर पांडे के 13 वर्षीय पुत्र कृतिवर्धन पांडे उर्फ गोपाल कुमार पांडे के रूप में हुई है। गोपाल कक्षा छह का छात्र था और अपनी दो बहनों का इकलौता भाई था। माता-पिता उसे उच्च शिक्षा दिलाकर जीवन में अफसर बनाना चाहते थे। परिवार को पूरी उम्मीद थी कि जवाहर नवोदय विद्यालय में चयन होने से उसके भविष्य को एक नई और बेहतरीन दिशा मिलेगी। शनिवार की सुबह वह इसी सपने को सच करने की पहली सीढ़ी यानी प्रवेश परीक्षा देने के लिए निकला था, लेकिन किसे पता था कि यह उसका आखिरी सफर साबित होगा। दुर्घटना की खबर मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और बेटे के शव को देखकर उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
मामा की बची जान, चालक फरार
इस भीषण हादसे में गोपाल के मामा आशुतोष पांडे भी बाइक पर साथ थे। गनीमत यह रही कि उन्होंने हेलमेट पहन रखा था, जिसके कारण उनकी जान बाल-बाल बच गई, लेकिन वे अपने भांजे की रक्षा नहीं कर सके। दुर्घटना को अंजाम देने के बाद हाइवा चालक मौके से वाहन छोड़कर फरार होने में कामयाब रहा। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन के खलासी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने छात्र के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मुंगेर भेज दिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दो घंटे तक तारापुर-सुल्तानगंज मार्ग रहा जाम
हासे से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने सुबह करीब 10 बजे तारापुर-सुल्तानगंज (अजगैवीनाथ धाम) मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हुए थे, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। एसडीपीओ कुमार देवेंद्र ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारी के आश्वासन के बाद दोपहर करीब 12:10 बजे जाम समाप्त हुआ और आवागमन बहाल हो सका। एसडीपीओ ने मीडिया को जानकारी दी कि परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने पर विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा और गति नियंत्रण पर उठे सवाल
इस दुर्घटना के बाद एक बार फिर क्षेत्र में भारी वाहनों के बेकाबू परिचालन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तारापुर-सुल्तानगंज मार्ग पर आए दिन हादसे होते रहते हैं, इसके बावजूद वाहनों की रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए न तो गति सीमा (स्पीड लिमिट) के बोर्ड लगाए गए हैं और न ही ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। शहर के बीच से भारी वाहन तेज रफ्तार में गुजरते हैं, जिन पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई ठोस पहल नजर नहीं आती है। स्थानीय नागरिक कई बार इस गंभीर समस्या को अधिकारियों के समक्ष उठा चुके हैं। अब लोगों का सवाल यह है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण सड़क पर और कितनी बेकसूर जिंदगियां दम तोड़ेंगी, तब जाकर संबंधित विभाग की नींद टूटेगी।