बिहार के वैशाली जिले में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं, इसकी एक खौफनाक बानगी सदर थाना क्षेत्र के अदलपुर इलाके में देखने को मिली है। यहाँ भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्ष और हिंदुत्व के चर्चित चेहरे राजीव ब्रह्मर्षि के आवास पर बेखौफ बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। हमलावरों ने घर को निशाना बनाते हुए करीब 10 से 15 राउंड गोलियां बरसाईं, जिसके निशान मुख्य दरवाजे से लेकर सीधे उनके बेडरूम तक साफ देखे जा सकते हैं। गनीमत यह रही कि इस जानलेवा हमले में राजीव ब्रह्मर्षि बाल-बाल बच गए, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था।
अचानक हुई गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला इलाका
घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक, दो संदिग्ध बदमाश एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल पर सवार होकर राजीव ब्रह्मर्षि के घर के बाहर पहुंचे। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलियों की इस बौछार से न केवल पीड़ित परिवार बल्कि पूरा मोहल्ला दहल उठा। दिनदहाड़े या शाम के वक्त हुई इस दुस्साहसिक वारदात से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
वारदात के वक्त राजीव ब्रह्मर्षि अपने घर के अंदर ही मौजूद थे। उनके साथ एक अन्य कार्यकर्ता भी वहां था, जो बमुश्किल अपनी जान बचाने में कामयाब रहा। हमलावरों ने इतनी बेरहमी से गोलियां चलाईं कि घर का मुख्य दरवाजा और खिड़कियां छलनी हो गईं। गोलियां दीवारों को चीरती हुई सीधे बेडरूम तक जा पहुंचीं। हमले को अंजाम देने के बाद बेखौफ बदमाश मौके से आसानी से फरार होने में कामयाब रहे।
पुलिस प्रशासन में हड़कंप, आला अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। वैशाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शुभांक मिश्रा तुरंत भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ एसपी ग्रामीण, एसडीपीओ और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की विशेष टीम ने भी मौके का बारीकी से मुआयना किया।
जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से करीब 11 खाली खोखे बरामद हुए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने घर के अंदर और बाहर के हिस्सों का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं। इस हाई-प्रोफाइल हमले के बाद जिले की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, खंगाले जा रहे हैं पुराने विवाद
एसएसपी शुभांक मिश्रा ने मीडिया को जानकारी दी है कि अपराधियों की पहचान और उनकी धरपकड़ के लिए आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। शुरुआती जांच में पुलिस के सामने कई तरह के एंगल और विवाद सामने आ रहे हैं। पुलिस हर संभावित पहलू पर गंभीरता से काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द ही हमलावरों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
क्या बोले पीड़ित नेता राजीव ब्रह्मर्षि?
इस जानलेवा हमले के बाद सदमे में और आक्रोशित भाजपा नेता राजीव ब्रह्मर्षि ने कहा कि उनके जीवन में कई तरह के विवाद या राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी से ऐसी कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी जिसके चलते कोई सीधे उनकी जान लेने की इस हद तक साजिश रचे। जिस दुस्साहस और आक्रामक अंदाज में बदमाशों ने उनके निजी आवास को टारगेट किया है, उससे किसी बड़ी सोची-समझी साजिश की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
राजधानी पटना से सटे और वैशाली जैसे संवेदनशील जिले में यदि एक राजनीतिक दल के जिलाध्यक्ष और चर्चित चेहरे के घर पर इस तरह बेखौफ होकर अपराधी गोलियां बरसा जाते हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। जनता और स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद भारी रोष है। लोग पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
- मुख्य द्वार से बेडरूम तक पहुँची गोलियां: हमलावरों ने सुनियोजित तरीके से घर के अंदर तक निशाना साधा।
- एफएसएल (FSL) की टीम सक्रिय: मौके से 11 खोखे बरामद, फिंगरप्रिंट और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए।
- पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी: संदिग्ध ठिकानों पर दबिश जारी, सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सुराग।
फिलहाल, वैशाली पुलिस की कई टीमें इस सनसनीखेज मामले के खुलासे के लिए दिन-रात एक कर रही हैं। यह देखना अहम होगा कि पुलिस इस मामले में कब तक मुख्य साजिशकर्ताओं और हमलावरों तक पहुंच पाती है, और क्या यह कोई राजनीतिक रंजिश थी या फिर किसी अन्य आपराधिक सिंडिकेट का हाथ।