श्रावस्ती जिले के भिनगा कोतवाली क्षेत्र में 20 वर्षीय शुभी सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने कड़ा कदम उठाया है। मृतका के पिता की शिकायत पर सेंट एंथोनी पब्लिक स्कूल के प्रबंधक समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब आत्महत्या के कारणों और साजिश के विभिन्न पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।
यह पूरा घटनाक्रम भिनगा कोतवाली क्षेत्र के चकवा गांव से जुड़ा हुआ है। पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, राजेश कुमार सिंह की पुत्री शुभी सिंह बीते सोमवार की सुबह करीब 11 बजे से अपने घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने उसी दिन भिनगा कोतवाली पहुंचकर उसकी गुमशुदगी की सूचना दी थी, जिसके बाद से उसकी तलाश की जा रही थी।
लापता युवती की तलाश के दौरान परिजनों के हाथ एक अहम सुराग लगा। घर की तलाशी के दौरान शुभी का हाथ से लिखा हुआ एक पत्र बरामद हुआ, जिसमें कथित तौर पर आत्महत्या के कारणों और प्रताड़ना का उल्लेख किया गया है। इसी पत्र और परिजनों के बयानों को आधार बनाकर मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
पिता की तहरीर पर पांच लोगों पर मामला दर्ज
मृतका के पिता राजेश कुमार सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में स्कूल प्रबंधन और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सेंट एंथोनी पब्लिक स्कूल के प्रबंधक पुष्कर मोहन मिश्रा, शिक्षिका सुप्रिया सिंह, शालिनी, इशिका और शुभी के पुरुष मित्र शमीम अंसारी के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया है।
पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने की साजिश रची गई थी। परिजनों का यह भी दावा है कि शुभी को पहले स्कूल से भी निकाल दिया गया था, जिससे वह मानसिक तनाव में थी।
राप्ती नदी में मिला था शव
शनिवार को लापता शुभी सिंह का शव राप्ती नदी से बरामद किया गया था। नदी में शव मिलने के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई थी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
भिनगा कोतवाली पुलिस ने पिता की तहरीर पर सभी पांच आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी बिंदुओं से निष्पक्ष जांच की जा रही है। हाथ से लिखे पत्र की लिखावट और फोरेंसिक साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। आरोपों की वास्तविक पुष्टि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी।