उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में मौसम के बिगड़े मिजाज और लगातार हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को खासा प्रभावित किया है। बादलों की लुकाछिपी और मूसलाधार बारिश के चलते शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ा और त्वरित कदम उठाया है। जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद जिले में शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत आगामी 1 सितंबर 2026 को जिले के सभी छोटे बच्चों के स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।

कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों पर लागू होगा आदेश
जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, 1 सितंबर 2026 को जनपद के भीतर संचालित होने वाले कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। यह आदेश केवल चुनिंदा स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा बेहद व्यापक रखा गया है ताकि किसी भी बच्चे को जोखिम में न डाला जाए।
इस आदेश के दायरे में निम्नलिखित विद्यालय आएंगे:
- जिले के सभी बेसिक और परिषदिए विद्यालय
- राजकीय एवं सरकारी सहायता प्राप्त संस्थान
- सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय
- सीबीएसई (CBSE) और आईसीएसई (ICSE) बोर्ड से जुड़े हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के स्कूल
प्रशासन का साफ कहना है कि मौसम की स्थिति को भांपते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है, क्योंकि भारी जलभराव के कारण सड़कों पर आवागमन खतरनाक हो सकता है और छोटे बच्चों के बीमार पड़ने या दुर्घटना का शिकार होने का खतरा बना रहता है।
शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए क्या हैं निर्देश?
भले ही छात्रों के लिए 1 सितंबर को अवकाश घोषित कर दिया गया हो, लेकिन विद्यालयों के स्टाफ को लेकर प्रशासन के निर्देश अलग हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विद्यालय के छात्र-छात्राओं की छुट्टी रहेगी, परंतु सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और अन्य शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को तय समय पर अपने विद्यालय पहुंचना अनिवार्य होगा।
स्टाफ को स्कूल पहुंचकर प्रशासनिक, विभागीय कार्यों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान स्कूलों में लंबित पड़ी बैठकों या प्रशासनिक कागजी कार्रवाई को निपटाने का मौका मिलेगा, ताकि जब बच्चे वापस लौटें तो शैक्षणिक माहौल पूरी तरह दुरुस्त मिले।
प्रशासन का कड़ा रुख: आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस पूरे मामले में सख्त रुख अपनाते हुए सभी संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) और स्कूल प्रबंधनों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। यदि कोई विद्यालय इस दौरान खुला पाया जाता है, तो उसके खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
इस अहम आदेश की प्रतियां जिले के तमाम बड़े अधिकारियों को भेजी गई हैं, जिनमें जिलाधिकारी चंदौली, मुख्य विकास अधिकारी (CDO), मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) वाराणसी, जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), जिला सूचना अधिकारी (DIO) और जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारी शामिल हैं।
अभिभावकों के लिए सलाह
भारी बारिश के इस दौर में जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की वे सतर्क रहें और बच्चों को जलभराव वाले इलाकों या बिजली के खंभों के पास जाने से रोकें। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए सुरक्षा ही सबसे बड़ा बचाव है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आगे के हालात के मुताबिक नए निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
