भारतीय रेलवे को देश की लाइफलाइन कहा जाता है, जहाँ रोजाना करोड़ों यात्री सफर करते हैं और यात्रा के दौरान रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाला खान-पान उनकी यात्रा का एक अहम हिस्सा होता है। लेकिन जब यही खान-पान सेहत की बजाय गंभीर बीमारियों का कारण बनने लगे, तो चिंता होना लाजिमी है। इन दिनों सोशल मीडिया के विभिन्ना प्लेटफॉर्म्स पर एक ऐसा ही वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखने के बाद आपका भी रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाली खाने-पीने की चीजों से भरोसा उठ जाएगा। यह मामला देश के एक व्यस्त रेलवे स्टेशन से जुड़ा है, जहाँ लापरवाही की सारी हदें पार कर दी गईं।
सूरत रेलवे स्टेशन से सामने आया हैरान करने वाला मामला
वायरल हो रहा यह वीडियो गुजरात के प्रमुख और व्यस्तम रेलवे स्टेशनों में शुमार सूरत रेलवे स्टेशन का बताया जा रहा है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि स्टेशन परिसर में बने एक टी स्टॉल या कैंटीन पर खाने-पीने का सामान खुले में रखा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इन खाद्य पदार्थों को किसी कांच के बॉक्स या ढक्कन से सुरक्षित करने के बजाय बिल्कुल बेपरवाही से खुले में छोड़ दिया गया है। इस लापरवाही का फायदा उठाकर कुछ बड़े-बड़े चूहे वहां रखी खाने की ट्रे पर चढ़कर आराम से दावत उड़ाते नजर आ रहे हैं।
वीडियो बनाने वाले यात्री ने इस नापाक और अस्वच्छ नजरे को अपने कैमरे में कैद कर लिया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। कुछ ही घंटों में यह वीडियो आग की तरह फैल गया और इस पर आम जनता के साथ-साथ रेल यात्रियों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। लोगों ने रेलवे स्टेशनों पर फूड सेफ्टी और वेंडर्स की मनमानी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सोशल मीडिया पर फूटा यात्रियों का गुस्सा
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर अपलोड हुआ, लोगों ने रेलवे प्रशासन और आईआरसीटीसी (IRCTC) को टैग करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर करनी शुरू कर दी। यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशनों पर वेंडर्स से भारी लाइसेंस फीस वसूली जाती है, लेकिन यात्रियों के स्वास्थ्य और साफ-सफाई के नाम पर बड़े पैमाने पर लापरवाही बरती जाती है। खुले में रखे इस तरह के दूषित खाद्य पदार्थों को खाने से यात्रियों को पीलिया, टाइफाइड, फूड पॉइजनिंग और गैस्ट्रिक जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
वायरल वीडियो के मुख्य बिंदु:
- स्थान: सूरत रेलवे स्टेशन (गुजरात)।
- घटना: टी स्टॉल पर खुले में रखे खाने पर चूहों का कब्जा।
- प्रभाव: वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यात्रियों में आक्रोश।
- प्रशासनिक कदम: रेलवे अधिकारियों द्वारा तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई।
रेलवे प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और जुर्माना
मामला जब सोशल मीडिया के जरिए रेलवे के उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, तो पश्चिम रेलवे प्रशासन हरकत में आया। यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर तुरंत एक्शन लेते हुए संबंधित स्टॉल और कैंटीन संचालक के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। रेलवे अधिकारियों ने शुरुआती जांच के बाद स्टॉल का मुआयना किया और नियमों का उल्लंघन तथा भारी स्वच्छता लापरवाही पाए जाने पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया है।
रेलवे की ओर से जारी बयान में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यात्रियों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी वेंडर को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सभी स्टेशनों पर औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) और चेकिंग अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा और यात्रियों की जिम्मेदारी
यह कोई पहली बार नहीं है जब भारतीय रेलवे के किसी स्टेशन पर खान-पान में लापरवाही का ऐसा मामला सामने आया हो। देश के अलग-अलग कोनों से समय-समय पर ऐसी तस्वीरें और वीडियो सामने आते रहते हैं, जो रेलवे स्टेशनों की साफ-सफाई व्यवस्था की पोल खोल देते हैं। हालांकि, रेलवे प्रशासन ने फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के साथ मिलकर कई बार वेंडर्स को सख्त चेतावनी दी है, लेकिन मैदानी स्तर पर कड़ाई से पालन न होने के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार दोहराई जाती हैं।
एक जागरूक नागरिक होने के नाते यह हम सबकी भी जिम्मेदारी है कि यदि हमें रेलवे स्टेशनों या ट्रेनों में किसी भी तरह की अस्वच्छता या अनियमितता दिखाई दे, तो तुरंत रेलवे के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर '139' या रेल मदद ऐप के जरिए इसकी शिकायत दर्ज कराएं। आपकी एक छोटी सी शिकायत कई लोगों की जान और सेहत बचा सकती है। सूरत रेलवे स्टेशन की इस घटना ने एक बार फिर से रेलवे कैंटीनों में हाइजीन के कड़े मानकों को लागू करने की सख्त जरूरत को रेखांकित कर दिया है।
