उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के अंतर्गत आने वाले मुगलसराय थाना क्षेत्र का व्यस्ततम पड़ाव चौराहा एक बार फिर से अखाड़े में तब्दील हो गया। यहाँ सवारी बैठाने की होड़ इस हद तक बढ़ गई कि दो ऑटो चालक आपस में बुरी तरह भिड़ गए। सड़क के बीचोंबीच हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूसे चले, जिसे देखकर आसपास के दुकानदारों और राहगीरों के होश उड़ गए। दिनदहाड़े बीच सड़क पर हो रहे इस तमाशे का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सवारी के चक्कर में जंग का मैदान बना पड़ाव चौराहा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना शुक्रवार दोपहर की है जब पड़ाव चौराहा पर यात्रियों की भारी भीड़ थी। इसी दौरान दो अलग-अलग ऑटो चालकों ने अपनी गाड़ियों को इस तरह से खड़ा किया कि पीछे का पूरा रास्ता जाम हो गया। दोनों ड्राइवर पहले तो महज कुछ यात्रियों को अपनी गाड़ी में बैठाने को लेकर मौखिक बहस कर रहे थे, लेकिन बात इतनी बढ़ गई कि देखते ही देखते दोनों ने एक-दूसरे पर हाथ उठा दिया।
मारपीट की इस घटना में बीच सड़क पर जमकर लात-घूसे चले। दोनों पक्षों ने नियमों और कानून की परवाह किए बिना एक-दूसरे पर थप्पड़ों की बरसात कर दी। इस दौरान चौराहे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जो लोग अपनी गाड़ियों से गुजर रहे थे, उन्हें अपनी गाड़ियां रोकनी पड़ीं क्योंकि दोनों ड्राइवरों ने सड़क के एक बड़े हिस्से को पूरी तरह से घेर रखा था।
आए दिन की घटनाओं से स्थानीय लोग और यात्री परेशान
यह कोई पहली बार नहीं है जब मुगलसराय के पड़ाव चौराहा पर इस तरह का अराजकता भरा माहौल देखने को मिला हो। स्थानीय दुकानदारों और दैनिक यात्रियों का कहना है कि यहाँ कानून-व्यवस्था का डर लगभग खत्म सा हो चुका है। ऑटो चालकों द्वारा अवैध पार्किंग और मनमानी यहां की रोजमर्रा की समस्या बन गई है।
- यातायात की समस्या: ऑटो चालकों द्वारा चौराहे के ठीक बीच में वाहन खड़ा करने से हर वक्त जाम की स्थिति बनी रहती है।
- यात्रियों की सुरक्षा: इस तरह की हिंसक झड़पों से सफर करने वाले आम लोग और महिलाएं खुद को बेहद असुरक्षित महसूस करते हैं।
- प्रशासनिक सुस्ती: स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और ट्रैफिक प्रशासन की लचर व्यवस्था के कारण इन ड्राइवरों के हौंसले बुलंद हैं।

यातायात व्यवस्था पर खड़े होते गंभीर सवाल
पड़ाव चौराहा एक ऐसा जंक्शन है जहाँ से रोजाना हजारों की संख्या में वाहन वाराणसी, मुगलसराय और अन्य नजदीکی इलाकों के लिए गुजरते हैं। ऐसे में यदि इस प्रकार के प्रमुख चौराहों पर अराजक तत्व खुलेआम कानून अपने हाथ में लेते रहेंगे, तो बड़ी दुर्घटनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है। हैरानी की बात यह है कि घटना के दौरान मौके पर ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। जब तक मारपीट शांत हुई, तब तक दोनों आरोपी अपनी गाड़ियां लेकर मौके से फरार हो चुके थे।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार
इस पूरे मामले पर जब स्थानीय पुलिस अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि वायरल हो रहे वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वीडियो के आधार पर दोनों ऑटो चालकों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की हरकत करने से पहले कोई भी ऐसा करने से डरे।
बहरहाल, जनता के बीच यह सवाल बड़ा है कि क्या प्रशासनिक सख्ती के बिना इस तरह की गुंडागर्दी पर कभी रोक लग पाएगी? रोज़ाना की इन झगड़ों से आम जनता का जीना मुहाल हो चुका है और अब लोग कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि सार्वजनिक स्थलों पर शांति और व्यवस्था बहाल की जा सके।