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चंदौली में बाढ़ का कहर: 5 प्रमुख मार्ग ठप, 60 गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा

चंदौली में बाढ़ का कहर: 5 प्रमुख मार्ग ठप, 60 गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा

सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। लगातार बढ़ते जलस्तर और पानी के तेज बहाव ने नौगढ़ समेत जिले के कई ग्रामीण इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि पांच प्रमुख मार्गों पर वाहनों और पैदल आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है, जिसके चलते लगभग 60 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और अन्य शहरी क्षेत्रों से पूरी तरह कट गया है।

इन प्रमुख मार्गों पर थमी पहियों की रफ्तार

प्रशासन से मिली शुरुआती जानकारियों के मुताबिक, भारी बारिश और उफनते नालों-नदियों के कारण जिले की कई महत्वपूर्ण सड़कों पर पानी का तेज सैलाब बह रहा है। ग्रामीण इलाकों में रोजमर्रा का कामकाज ठप पड़ गया है क्योंकि मुख्य संपर्क मार्ग ही पानी में डूब चुके हैं:

  • नौगढ़-मधुपुर मार्ग: इस रूट पर स्थित चोरमोरवा पुल के ऊपर से पानी का तेज बहाव गुजर रहा है, जिसके चलते इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह से ठप कर दिया गया है।
  • भसौड़ा-बरवाडीह मार्ग: भारी मात्रा में पानी भर जाने के कारण यह रास्ता भी पूरी तरह से बंद हो चुका है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
  • बकुलघट्टा क्षेत्र: इस इलाके में सड़क पर पानी चलने की वजह से करीब आधा दर्जन गांवों का सीधा संपर्क टूट गया है, और लोग अपने घरों में ही कैद रहने को मजबूर हो गए हैं।

ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें, लंबा चक्कर लगाने को मजबूर लोग

सड़कें और पुल बंद होने की वजह से स्थानीय निवासियों की मुसीबतें कई गुना बढ़ गई हैं। जरूरी कामों, मेडिकल इमरजेंसी या रोजमर्रा की जरूरतों के लिए अब ग्रामीणों को मीलों का लंबा सफर तय करके वैकल्पिक और खराब रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। कई जगहों पर स्थिति इतनी विकट है कि दोपहिया तो दूर, चार पहिया वाहनों का निकलना भी असंभव हो गया है।

प्रशासन की चौकसी और चुनौतियां

हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। हालांकि, पानी का बहाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है, जो प्रशासन और ग्रामीणों दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

"हमारे गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट चुका है। बच्चों का स्कूल जाना और बाजार से जरूरी सामान लाना भी दूभर हो गया है। हमें कई किलोमीटर घूमकर दूसरे रास्ते से जाना पड़ रहा है।" - एक स्थानीय ग्रामीण

आगे की स्थिति और सुरक्षा अपील

मौसम के तेवर और जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जोखिम भरे रास्तों और उफनते पुलों को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस और प्रशासनिक अमला प्रभावित मार्गों पर मुस्तैद है। जैसे ही जलस्तर में कमी आएगी, मार्गों की मरम्मत और आवागमन को सुचारू करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा। तब तक ग्रामीणों से संयम बरतने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

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नसीम अहमद

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नसीम अहमद जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं। उन...

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