उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले पुलिस भर्ती में भ्रष्टाचार था। अब मेरिट पर नौकरियां मिल रही हैं।
उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती और पारदर्शी चयन प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले की व्यवस्था में भेदभाव और भ्रष्टाचार का बोलबाला था, जबकि वर्तमान सरकार में युवाओं को पूरी तरह योग्यता के आधार पर नौकरियां दी जा रही हैं।
लखनऊ में आयोजित होने वाले एक विशेष कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस में चयनित 4,543 उप निरीक्षकों (एसआई) और प्लाटून कमांडरों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार ने पुलिस बल को मजबूत करने के साथ-साथ भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया है।
भर्ती व्यवस्था और पिछली सरकारों पर निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुरानी व्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले जब भी सरकारी विभागों में भर्तियां निकलती थीं, तो भ्रष्टाचार और भाई-भ भतीजावाद हावी हो जाता था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उस दौरान भर्ती निकलते ही एक खास 'चाचा-भतीजे की जोड़ी' वसूली के लिए निकल पड़ती थी, जिससे योग्य युवाओं का हक मारा जाता था और उनका सिस्टम से भरोसा उठने लगा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के सत्ता में आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था में कड़े सुधार किए गए हैं। अब युवाओं को नौकरी पाने के लिए न तो किसी की सिफारिश लगवाने की जरूरत पड़ती है और न ही रिश्वत देनी पड़ती है। केवल उनकी प्रतिभा और मेरिट ही उनके चयन का एकमात्र आधार तय की जाती है।
पुलिस विभाग में 2.26 लाख से अधिक नियुक्तियां
सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए सीएम योगी ने बताया कि वर्ष 2017 से लेकर अब तक उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में विभिन्न पदों पर 2.26 लाख से अधिक युवाओं को नौकरियां दी जा चुकी हैं। इसी सिलसिले में शुक्रवार को 4,543 नए उप निरीक्षकों और प्लाटून कमांडरों को आधिकारिक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे, जिससे राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस बल को और अधिक मजबूती मिलेगी।
शिल्पकारों और ओडीओपी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील
पुलिस भर्ती के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने धनतेरस और दीपावली के पर्व पर स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों की खुशियों में उन हुनरमंद परिवारों को भी शामिल किया जाना चाहिए जो उत्तर प्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर आगे बढ़ा रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने भदोही के विश्वप्रसिद्ध कालीन, प्रयागराज के मूंज शिल्प, मैनपुरी की प्रसिद्ध तारकशी और चित्रकूट के काष्ठ (लकड़ी के) खिलौनों का विशेष रूप से उल्लेख किया और इन्हें प्रदेश की अमूल्य पहचान बताया।
दो लाख करोड़ के पार पहुंचा यूपी का निर्यात
राज्य के आर्थिक विकास और पारंपरिक उद्योगों की स्थिति पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश का कुल निर्यात वर्ष 2016-17 में मात्र 84 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है। उन्होंने इसे राज्य के दस्तकारों की मेहनत और उद्यमशीलता का जीवंत प्रमाण बताया।
उन्होंने कहा कि लखनऊ और ग्रेटर नोएडा में बने आधुनिक एक्सपो मार्ट के साथ-साथ भदोही का 'कार्पेट बाजार' स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिला रहा है।
'वोकल फॉर लोकल' और 'लोकल वाली दिवाली' का आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' विजन को दोहराते हुए सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से इस धनतेरस और दीपावली पर 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) योजना के तहत बने सामान खरीदने की अपील की। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे उपहार देने के लिए भी स्थानीय उत्पादों को ही चुनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की एक छोटी सी खरीदारी भी किसी गरीब और हुनरमंद परिवार के घर में स्वावलंबन और सम्मान का दीप जला सकती है। उन्होंने प्रदेश के लोगों से इस बार 'लोकल वाली दिवाली' मनाने और 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है।