दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने पड़ाव स्थित बसंत बहार मिठाई दुकान और कारखाने पर छापा मारा। पनीर और छेना के नमूने लिए गए तथा गंदगी मिलने पर 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया।
त्योहार से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, कारखाने में मिली गंदगी पर संचालक को चेतावनी
दीपावली के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। इसी अभियान के तहत बुधवार शाम करीब चार बजे खाद्य विभाग की एक टीम ने पड़ाव स्थित रामनगर रोड पर प्रसिद्ध मिठाई प्रतिष्ठान बसंत बहार की दुकान और उसके मुख्य कारखाने पर अचानक छापा मारा।
अधिकारियों की इस औचक कार्रवाई से आसपास के दुकानदारों में खलबली मच गई। निरीक्षण के दौरान टीम ने दुकान से पनीर और छेना के नमूने (सैंपल) एकत्रित किए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इसके बाद अधिकारियों ने मिठाई निर्माण इकाई यानी कारखाने का गहराई से मुआयना किया, जहां साफ-सफाई की स्थिति बेहद असंतोषजनक पाई गई।
कारखाने में गंदगी मिलने पर कड़ा निर्देश
मिठाई बनाने वाले कारखाने के भीतर गंदगी और अस्वच्छ माहौल मिलने पर खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने प्रतिष्ठान के संचालक को स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी 15 दिनों के भीतर कारखाने परिसर में पूरी तरह से साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
खाद्य विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर धीरेंद्र प्रताप सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि मिठाई की दुकानों, निर्माण कारखानों और रेस्टोरेंटों में किसी भी प्रकार की गंदगी या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर प्रतिष्ठान का लाइसेंस तक निरस्त किया जा सकता है।
स्वच्छता और गुणवत्ता पर विशेष जोर
अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि केवल तैयार मिठाई की गुणवत्ता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे तैयार करने वाली जगह की स्वच्छता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। खाद्य सामग्री को पूरी तरह साफ-सुथरे स्थानों पर तैयार करने और सुरक्षित तरीके से संरक्षित रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न हो।
इस संयुक्त छापेमारी और निरीक्षण अभियान में असिस्टेंट कमिश्नर धीरेंद्र प्रताप सिंह के साथ मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केएन त्रिपाठी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरविंद कुमार और प्रशिक्षु एसडीएम शुभम सिंह सहित खाद्य विभाग तथा प्रशासनिक अमले के अन्य जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित रहे।