वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में अमेरिकी डॉलर का लालच देकर लूट और ठगी करने वाले तीन शातिर लुटेरों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर किया गिरफ्तार।
वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में अमेरिकी डॉलर का झांसा देकर ठगी और लूटपाट करने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। सक्रिय पुलिस कार्रवाई के तहत घटना के महज 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में पांडेयपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक दिनेश सिंह की भूमिका बेहद अहम रही।
लालपुर-पांडेयपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह के दिशा-निर्देशों के तहत पुलिस टीम अपराध और अपराधियों की धरपकड़ के लिए लगातार अभियान चला रही थी। इसी क्रम में मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने ऐढ़े अंडरपास के नीचे घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को दो बाइकों के साथ दबोचने में सफलता हासिल की।
महिला से की गई थी एक लाख बीस हजार रुपये की लूट
पुलिस पूछताछ और दर्ज मामलों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए इन शातिर बदमाशों ने बीते 4 नवंबर को खजुरी रोड इलाके में एक महिला को अपना शिकार बनाया था। आरोपियों ने अमेरिकी डॉलर का लालच देकर महिला से एक लाख बीस हजार रुपये की नकदी लूट ली थी और मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।
भारी मात्रा में नकदी, अमेरिकी डॉलर और अन्य सामान बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई रकम और अन्य संदिग्ध सामग्रियां बरामद की हैं। पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से:
- 46,005 रुपये नकद (लूटी गई रकम का हिस्सा)
- 60 अमेरिकी डॉलर (ठगी और झांसे में इस्तेमाल होने वाले नोट)
- दो मोटरसाइकिलें (घटना में प्रयुक्त वाहन)
- सात अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन
- 12 सिम कार्ड
बरामद किए गए इन सामानों से यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि यह गिरोह काफी समय से इस प्रकार की वारदातों को अंजाम दे रहा था और लोगों से संपर्क के लिए कई मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता था।
बाहरी राज्यों से जुड़े हैं आरोपियों के तार
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए तीनों शातिर आरोपी स्थानीय नहीं हैं, बल्कि वे दिल्ली और गाजियाबाद के रहने वाले हैं। वाराणसी आकर इस तरह की वारदातों को अंजाम देना और फिर वापस भाग जाना इनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा है। पुलिस अब इनके अन्य आपराधिक इतिहास और साथियों की तलाश में जुटी है ताकि इस अंतरराज्यीय ठग गिरोह के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।