अयोध्या में दीपोत्सव 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 30 लाख दीपों के लिए राम की पैड़ी सील कर दी गई है और सरयू में इलेक्ट्रिक क्रूज का संचालन शुरू हुआ है।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश नियमों की पूरी जानकारी
दसवें दीपोत्सव को लेकर अयोध्या में तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस वर्ष रामनगरी को 30 लाख दीपों से रोशन करने की योजना है। दीप बिछाने के इस वृहद कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाते हुए आज से 'राम की पैड़ी' को पूरी तरह सील कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए सभी प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगा दिए गए हैं और भारी संख्या में पुलिस तथा पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है।
जारी किए गए सख्त दिशानिर्देशों के अनुसार, बिना वैध पास धारक स्वयंसेवकों, शिक्षकों और सुरक्षाकर्मियों तक को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, राम की पैड़ी परिसर और उसके आसपास रहने वाले स्थानीय नागरिकों को भी इस क्षेत्र से न गुजरने की हिदायत दी गई है। दीपोत्सव के नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने स्वयंसेवकों को चेतावनी दी है कि वे केवल अपने निर्धारित घाटों पर ही रहें और अनावश्यक रूप से इधर-उधर न घूमें। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने पुष्टि की है कि सभी घाटों पर ड्यूटियां तय कर दी गई हैं और सुरक्षा कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं।
सरयू नदी में इलेक्ट्रिक क्रूज का संचालन शुरू
दशम दीपोत्सव से ठीक पहले अयोध्या की पर्यटन सुविधाओं में एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। सरयू नदी में इलेक्ट्रिक क्रूज का संचालन औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। मंडलायुक्त राजेश कुमार ने गुरुवार को इस क्रूज का उद्घाटन किया। लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस आधुनिक क्रूज के माध्यम से अब देश-विदेश से आने वाले पर्यटक सरयू की लहरों के बीच अयोध्या के घाटों और यहां के खूबसूरत नजारों का आनंद ले सकेंगे।
यह क्रूज पूरी तरह से बैटरी से संचालित होता है और इसमें डीजल का उपयोग नहीं किया जाता है, जिससे यह पूरी तरह प्रदूषण रहित है। पिछले वर्ष इसे प्रायोगिक तौर पर चलाया गया था, जिसे अब पर्यटन सीजन की शुरुआत के साथ दोबारा पटरी पर लाया गया है। इस क्रूज को गुप्तार घाट से कच्चा घाट के बीच संचालित करने की योजना तय की गई है। उद्घाटन के इस अवसर पर एडीजी जोन प्रवीण कुमार, डीआईजी सोमेन वर्मा, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
विशेष प्रदर्शनी में दिखेगी राम मंदिर आंदोलन और विकास की गाथा
इस बार के दीपोत्सव-2026 की एक अन्य प्रमुख विशेषता श्रीराम मंदिर आंदोलन और अयोध्या के अब तक के विकास सफर को दर्शाने वाली विशेष प्रदर्शनी होगी। संस्कृति विभाग की ओर से रामकथा पार्क में आयोजित इस प्रदर्शनी में आंदोलन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाक्रमों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे।
अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार तथा विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने जानकारी दी है कि प्रदर्शनी में श्रीराम मंदिर आंदोलन के प्रमुख पुरोधाओं के योगदान को अभिनय आधारित प्रस्तुतियों के जरिए दिखाया जाएगा। इसमें मंदिर आंदोलन के विभिन्न पड़ावों, निर्माण प्रक्रिया और वर्तमान भव्य स्वरूप तक की पूरी यात्रा को शामिल किया गया है। साथ ही, मंदिर परिसर के विकास और अयोध्या में सड़क, आवागमन, पर्यटन तथा जनसुविधाओं जैसे आधारभूत ढांचे में हुए व्यापक बदलावों की झलक भी देखने को मिलेगी।