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नहर के पानी के लिए किसानों का हल्लाबोल रंग लाया: Pachkhari में 3 दिन से जारी धरना स्थगित, सिंचाई विभाग ने दिया ये बड़ा आश्वासन

नहर के पानी के लिए किसानों का हल्लाबोल रंग लाया: Pachkhari में 3 दिन से जारी धरना स्थगित, सिंचाई विभाग ने दिया ये बड़ा आश्वासन

चंदौली/बरहनी: अपनी सूखी फसलों की सिंचाई के लिए नहर के पानी की बाट जोह रहे किसानों के सब्र का बांध आखिरकार टूट ही गया। बरहनी विकास खंड के पचखरी गांव में नहर के अंतिम छोर (टेल) तक पानी पहुंचाने की मांग को लेकर 'भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन' के बैनर तले चल रहा तीन दिवसीय धरना गुरुवार शाम को स्थगित हो गया। सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर लिखित और मौखिक आश्वासन देने के बाद ही किसानों ने अपना आंदोलन फिलहाल रोकने का फैसला लिया।

3 दिनों से जारी था आंदोलन, अधिकारियों की अनदेखी से बढ़ा गुस्सा क्षेत्र के किसान बीते 3 अगस्त से लगातार पचखरी गांव में धरने पर बैठे थे। किसानों का मुख्य आरोप था कि नहर की सही तरीके से सफाई न होने और विभागीय लापरवाही के कारण टेल क्षेत्र के खेतों तक पानी बिल्कुल नहीं पहुंच पा रहा है। इससे धान व अन्य फसलों की सिंचाई ठप पड़ी है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद जब सिंचाई विभाग ने कोई सुध नहीं ली, तो किसानों को मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ाXEN का पुतला जलाकर जताई थी नाराजगी

धरने के तीसरे दिन गुरुवार को किसानों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया। विभागीय अधिकारियों की वादाखिलाफी से नाराज किसानों ने सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता (XEN) का पुतला फूंककर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अफसर एसी कमरों में बैठे हैं और जमीनी स्तर पर किसान बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज हैं।

"हम पिछले कई महीनों से सिर्फ आश्वासन ही सुन रहे थे। खेत सूख रहे हैं और सिंचाई विभाग आंखें मूंदे बैठा है। अगर इस बार भी हमारे साथ छल हुआ, तो यह लड़ाई आर-पार की होगी।"
- किसान प्रतिनिधि

SDO के आश्वासन पर बनी सहमति

किसानों के कड़े रुख और पुतला दहन की खबर मिलते ही सिंचाई विभाग में हड़कंप मच गया। गुरुवार देर शाम विभाग के उप-विभागीय अधिकारी (SDO) अपनी टीम के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों के साथ लंबी वार्ता की और भरोसा दिलाया कि नहर की सिल्ट सफाई और टेल तक पानी पहुंचाने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी। एसडीओ के इस ठोस आश्वासन के बाद किसानों ने सर्वसम्मति से धरना समाप्त करने का ऐलान किया।

'वादा पूरा नहीं हुआ तो होगा महाआंदोलन'

धरना भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन किसानों ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यह सिर्फ 'विराम' है, अंत नहीं। किसान नेताओं का कहना है कि अगर तय समय-सीमा के भीतर नहर के टेल तक पानी नहीं पहुंचा, तो विभाग के खिलाफ इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।

इस धरने में मुख्य रूप से निम्नलिखित किसान व स्थानीय प्रतिनिधि शामिल रहे:

  • दीनानाथ श्रीवास्तव
  • पारस विश्वकर्मा
  • शेषनाथ यादव
  • राजेश यादव
  • पूर्व प्रधान दिनेश सिंह
  • मुन्ना सिंह और सैकड़ों स्थानीय किसान

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अल्का सिंह

अल्का सिंह

Senior Content Writer

अल्का सिंह स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े विषयों पर गहन शोध के साथ लेखन करती हैं। उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को केवल सामान्य जानकारी ही नहीं, बल...

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