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छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण की बड़ी पहल, सीएम साय आज दिखाएंगे हरी झंडी

छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण की बड़ी पहल, सीएम साय आज दिखाएंगे हरी झंडी

छत्तीसगढ़ की माटी में पानी की हर बूंद को सहेजने और जन-जन तक जल संरक्षण का संदेश पहुंचाने के लिए एक ऐतिहासिक अभियान की शुरुआत आज होने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर से एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी सोच वाली पहल 'जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा' को आधिकारिक तौर पर हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण और शहरी इलाकों में जल संकट से निपटने के लिए लोगों को जागरूक करना और जल स्रोतों का पुनरुद्धार करना है।

क्या है 'जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा' का मुख्य उद्देश्य?

बदलते पर्यावरण और घटते भूजल स्तर के इस दौर में पानी की हर एक बूंद की कीमत बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस चुनौती को गंभीरता से लेते हुए समाज के हर वर्ग को इस मुहिम से जोड़ने का बीड़ा उठाया है। 'जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा' केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जन-आंदोलन का रूप लेने जा रहा है।

इस यात्रा के जरिए राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर लोगों को पारंपरिक जल स्रोतों जैसे तालाबों, कुओं और बावड़ियों की सफाई और उनके संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जाएगा। साथ ही, बारिश के पानी को सहेजने यानी रेन वाटर हार्वेस्टिंग के आधुनिक तरीकों के बारे में भी जमीनी स्तर पर जानकारी दी जाएगी।

कार्यक्रम की रूपरेखा और मुख्य आकर्षण

  • शुभारंभ स्थल: राजधानी रायपुर में विशेष समारोह के तहत यात्रा की शुरुआत।
  • नेतृत्व: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद हरी झंडी दिखाकर रथों और दलों को रवाना करेंगे।
  • जन-भागीदारी: इस अभियान में सामाजिक संगठनों, छात्रों, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों की भारी भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
  • रूट मैप: यात्रा के तहत राज्य के अलग-अलग गांवों और कस्बों में नुक्कड़ नाटक, चौपाल और जागरूकता रैलियों का आयोजन होगा।

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में जल सुरक्षा किसी भी देश या राज्य के विकास के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। छत्तीसगढ़ में प्रचुर प्राकृतिक संसाधन होने के बावजूद गर्मियों के दिनों में कई ग्रामीण इलाकों में पेयजल की किल्लत देखने को मिलती है। इस समस्या की जड़ तक पहुंचकर स्थायी समाधान निकालने के लिए ही इस 'संकल्प यात्रा' की रूपरेखा तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इस यात्रा के दौरान जल संरक्षण के उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों और स्थानीय नागरिकों को सम्मानित भी किया जाएगा, ताकि दूसरों को भी इससे प्रेरणा मिल सके।

सरकार की प्राथमिकता में जल और पर्यावरण

पिछले कुछ महीनों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पर्यावरण और जल संरक्षण को लेकर कई कड़े और सकारात्मक कदम उठाए हैं। सरकार का यह स्पष्ट विजन है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर ही छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध राज्य बनाया जा सकता है। 'जल, इसी कड़ी में एक और मजबूत मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।'

आम जनता से जुड़ने की अपील

प्रशासन ने प्रदेश के तमाम नागरिकों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं से इस यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। पानी किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की धरोहर है। इस संदेश को घर-घर तक पहुंचाने के लिए आज से शुरू हो रही यह यात्रा एक बड़ा बदलाव लाने का माद्दा रखती है।

हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री स्वयं इस अभियान से जुड़ी पहली बैठकों और गतिविधियों की समीक्षा करेंगे। आने वाले दिनों में यह यात्रा छत्तीसगढ़ के कोने-को कोने में जल साक्षरता का अलख जगाएगी।

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रोली सिंह

रोली सिंह

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रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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