रायपुर में एनजीटी के आदेशों के तहत शारदीय नवरात्रि के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन खारून नदी के महादेव घाट के पास बने विशेष विसर्जन कुंड में किया जा रहा है। नदी में सीधे विसर्जन पर पूरी तरह रोक है।
राजधानी रायपुर में शारदीय नवरात्रि के समापन के उपरांत मां दुर्गा की प्रतिमाओं की विदाई का क्रम शुरू हो गया है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, सोमवार शाम 7 बजे तक महादेव घाट के पास स्थित विसर्जन कुंड में कुल 30 प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के पर्यावरण संरक्षण संबंधी दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए जिला प्रशासन ने इस वर्ष भी खारून नदी में सीधे प्रतिमा विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। श्रद्धालुओं को निर्देशित किया गया है कि वे नदी जल को प्रदूषित होने से बचाने के लिए केवल पाटन पुलिया के पास निर्मित विशेष विसर्जन कुंड में ही प्रतिमाएं विसर्जित करें।
सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं
प्रशासन और नगर निगम द्वारा विसर्जन प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। विसर्जन की मुख्य प्रक्रिया 20 अक्टूबर से आरंभ होकर 25 अक्टूबर 2026 की सुबह 6 बजे तक निरंतर संचालित होगी। स्थल पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है, जो 8-8 घंटे की 3 शिफ्ट में काम करेंगे। इस पूरी व्यवस्था की कमान जोन क्रमांक 8 की जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल को सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, किसी भी अप्रिय या आपात स्थिति से निपटने के वास्ते विसर्जन स्थल पर 90 नाविकों, गोताखोरों और पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट की तैनाती की गई है।
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के निर्देश
नगर निगम ने पर्यावरण सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विसर्जन से पूर्व पूजन सामग्री को अलग कर निर्धारित स्थान पर रखा जाए। कुंड में जमा होने वाले मलबे, बांस-बल्लियों और अन्य अवशेषों को 24 घंटे के भीतर हटाने का प्रावधान किया गया है ताकि जल स्रोतों और पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुँचे। इन सभी व्यवस्थाओं की सतत् निगरानी के लिए नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने एक विशेष समिति का गठन किया है। इस समिति में अपर आयुक्त विनोद पांडेय, उपायुक्त स्वास्थ्य जसदेव सिंह बाबरा, विभिन्न जोनों के कमिश्नर (संतोष पांडेय, राकेश शर्मा, प्रीति सिंह) सहित इंजीनियरिंग और जल विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
दशहरा और रावण दहन के आयोजन
दुर्गा विसर्जन के साथ ही शहर में 20 अक्टूबर को विजय दशमी के अवसर पर छह से अधिक स्थानों पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें रावणभाठा और डब्ल्यूआरएस कॉलोनी के आयोजन सबसे प्रमुख हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ नगर, चौबे कॉलोनी, राजेंद्र नगर, शंकर नगर और रामकुंड स्थित स्वामी विवेकानंद आश्रम के पास भी रावण दहन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा द्वारा गठित समिति इन सभी आयोजन स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, अग्निशमन वाहनों की उपलब्धता और पहुंच मार्गों की सुगमता सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है ताकि पर्व के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।