उत्तराखंड के नैनीताल जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के एक कांस्टेबल ने महिला सब-इंस्पेक्टर के साथ कथित तौर पर मारपीट की, उन पर पिस्तौल तानी और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है और मामले की विस्तृत जांच सर्किल ऑफिसर (सीओ) को सौंप दी गई है।
यह पूरी घटना नैनीताल जिले के हल्द्वानी क्षेत्र की है। राजपुरा पुलिस चौकी प्रभारी आरती सचदेवा ने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, घटना की शुरुआत 10 अक्टूबर को हुई थी, जब एसओजी में तैनात कांस्टेबल अनिल गिरी ने उन्हें फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और जान से खत्म करने की धमकी दी। बात यहीं तक सीमित नहीं रही, आरोपी कांस्टेबल काशीपुर स्थित महिला दरोगा के आवास तक पहुंच गया और उनके परिवार तथा बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।
ड्यूटी के दौरान पुलिस स्टेशन में बदसलूकी
शिकायतकर्ता महिला दरोगा के मुताबिक, जब वह परीक्षा ड्यूटी के सिलसिले में हल्द्वानी पुलिस स्टेशन पहुंचीं, तो वहां कांस्टेबल अनिल गिरी भी आ गया। आरोप है कि उसने बलपूर्वक उनका मोबाइल फोन छीन लिया। जब आरती सचदेवा ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया और उनके सिर पर पिस्तौल तान दी। कांस्टेबल ने उन्हें यह धमकी भी दी कि यदि उन्होंने इस घटना की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को दी, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
सीसीटीएनएस कार्यालय में भी जारी रहा धमकाने का सिलसिला
घटना के बाद अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित महिला दरोगा ने क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) कार्यालय में शरण ली। उस दौरान कार्यालय में दो अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। हालांकि, आरोपी कांस्टेबल वहां भी पहुंच गया और उन्हें डराने-धमकाने लगा। इस दौरान उनके साथ फिर से मारपीट किए जाने का आरोप है। कार्यालय में मौजूद अन्य दोनों पुलिसकर्मियों ने बीच-बचव कर स्थिति को संभाला और मामले को बढ़ने से रोका।
एसपी सिटी हरबंस सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सीसीटीएनएस कार्यालय के सीसीटीवी कैमरों पर नजर पड़ने के बाद कांस्टेबल कुछ शांत हुआ और हाथ जोड़कर माफी मांगने लगा। इसके अलावा, यह आरोप भी लगाया गया है कि उसने महिला दरोगा को करीब 17 से 18 मिनट तक कार्यालय के भीतर बंधक बनाकर रखा, ताकि वह बाहर जाकर अधिकारियों को घटना की सूचना न दे सकें। इस प्रकार के कृत्यों से सरकारी कामकाज में भी बाधा उत्पन्न हुई।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और जांच
महिला दरोगा की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी कांस्टेबल अनिल गिरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जिम्मेदारी एक सर्कल ऑफिसर (सीओ) को सौंपी गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने और रिपोर्ट आने के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।