छत्तीसगढ़ के खेल और शिक्षा जगत के लिए रविवार का दिन बेहद खास और ऐतिहासिक रहा। सारंगढ़ की उपजाऊ और खेल प्रेमी पावन धरा पर 26वीं राज्यस्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2026 का ऐसा रंगारंग और भव्य आगाज हुआ, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस गरिमामय और विशाल खेल महाकुंभ में राज्य के कोने-कोने से आए युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था। इस अवसर पर प्रदेश सरकार ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के विकास को एक नई रफ्तार देते हुए खेल और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़ी और दूरदर्शी घोषणाएं की कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती: मंत्री टंक राम वर्मा का प्रेरणादायक संदेश
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिले के प्रभारी एवं राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने अपने ओजस्वी भाषण से मैदान में मौजूद हज़ारों खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों में जोश भर दिया। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि मैदान पर उतरना ही अपने आप में सबसे बड़ी जीत है।
मंत्री वर्मा ने अपने संबोधन में कह"खेलोगे तो जीतोगे, खेलोगे तो हारोगे, लेकिन अगर खेलोगे ही नहीं, तो जीवन भर केवल दर्शक बनकर रह जाओगे।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हार से कभी भी निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि हर असफलता से सीख लेकर निरंतर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को यह नसीहत भी दी कि सफलता मिलने के बाद कभी भी अहंकार को अपने पास न आने दें। कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने प्रयास जारी रखने वाले लोग ही इतिहास रचते हैं और जीवन में नई ऊंचाइयों को छूते हैंसारंगढ़ को मिली दो बड़ी सौगातें: सिंथेटिक ट्रैक ग्राउंड और डाइट कॉलेकार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के विकास के लिए दो बेहद महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित घोषणाएं कीं। उन्होंने जिले में आधुनिक सुविधाओं से लैस सिंथेटिक ट्रैक ग्राउ और एक नए डाइट कॉलेज (District Institute of Education and Training) के निर्माण की औपचारिक घोषणा की। इन दोनों प्रोजेक्ट्स के धरातल पर उतरने से न केवल खेल प्रतिभाओं को निखरने का बेहतरीन मंच मिलेगा, बल्कि भावी शिक्षकों के प्रशिक्षण के स्तर में भी अभूतपूर्व सुधार होगा।
शिक्षा मंत्री ने आगे यह भी जानकारी दी कि जिले में नवोदय विद्यालय और केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से जुड़े प्रस्ताव वर्तमान में शासन स्तर पर प्रक्रियाधीन हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे (स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास और जरूरत के हिसाब से मौजूदा स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सरकार की मंशा है कि राज्य के दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों के बच्चों को भी शहरी स्तर की आधुनिक शिक्षा और खेल सुविधाएं मिल सकें।4 दिवसीय महाकुंभ: 5 संभाग, 330 खिलाड़ी और रोमांचक मुकाबले
शहर के खेलभांठा मैदान में आयोजित यह चार दिवसीय (4 से 7 अक्टूबर) खेल महाकुंभ किसी उत्सव से कम नहीं है। इस प्रतियोगिता में राज्य के पाँचों प्रमुख संभागों—बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा—से चुनकर आए कुल 330 प्रतिभाशाली बाल-खिलाड़ी अपनी खेल कला का प्रदर्शन कर रहे हैं।
- प्रतियोगिता के पहले दिन ही मैदान पर रोमांचक मुकाबलों का दौर शुरू हो गया। उद्घाटन दिवस पर निम्नलिखित प्रमुख खेल प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की गईं:फुटबॉल: बालक वर्ग (14 वर्ष आयु वर्ग)
- सॉफ्टबॉल: बालक एवं बालिका वर्ग (17 वर्ष आयु वर्ग)
- क्रिकेट: बालिका वर्ग (17 वर्ष आयु वर्ग)
इन मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद सराहनीय रहा और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन कियखेल अनुशासन, आत्मविश्वास और एकता का आधार: शिक्षा मंत्री
मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने अपने संबोधन में खेल के बहुआयामी प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीवन में किसी भी मुकाम को हासिल करने के लिए सबसे पहले मैदान में उतरने का साहस दिखाना पड़ता है। खेल केवल शारीरिक सेहत या दौड़-भाग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंसान के भीतर अनुशासन, अटूट आत्मविश्वास और मानसिक क्षमता को विकसित करता है।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता ही हमारी असली ताकत है, और खेल वह जादुई माध्यम है जो इस विविधता को आपसी भाईचारे और एकता के एक मजबूत सूत्र में पिरोता हैशिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक बदलाव और नई तकनीक
कार्यक्रम के दौरान जिले के कलेक्टर ने अपने स्वागत भाषण में स्थानीय प्रशासन द्वारा शिक्षा और छात्रों के कल्याण के लिए उठाए जा रहे कदमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि पिछले तीन वर्षों में जिले का बोर्ड परीक्षा परिणाम शानदार रहा है और यहां के तीन मेधावी विद्यार्थियों ने राज्य की टॉप-10 मेरिट सूची में अपनी जगह बनाई है, जो क्षेत्र के लिए बड़े गौरव की बात है।
- कलेक्टर ने आधुनिक शिक्षा के रुझानों के बारे में बताते हुए कहा कि जिले में अब बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा हैकक्षा 11वीं और 12वीं के विज्ञान और गणित के मेधावी छात्रों के लिए नीट (NEET) जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष कोचिंग निःशुल्क शुरू की जा रही है।
- विद्यार्थियों के भीतर वैज्ञानिक और तार्किक सोच (Scientific Temperament) को विकसित करने के लिए स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कक्षाएं शुरू की गई हैं।
- छात्रों को प्रैक्टिकल नॉलेज देने के लिए रोबोटिक्स लैब्स और अटल टिंकरिंग लैब्स (Atal Tinkering Labs) की स्थापना तेजी से की जा रही है।
प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह के दौरान सारंगढ़ विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े, बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे, सांसद राधेश्याम राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत उपाध्यक्ष समेत कई गणमान्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और खेलप्रेमियों का भारी जमावड़ा देखने को मिला। सभी ने एक स्वर में इन खेल आयोजनों को युवाओं के भविष्य के लिए मील का पत्थर बताया।:
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