राजधानी दिल्ली में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी एक और खौफनाक बानगी उत्तरी दिल्ली के नरेला इलाके से सामने आई है। सुबह के सुहाने वक्त को गोलियों की तड़तड़ाहट ने चीर दिया और चंद सेकंड में ही एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। मामला नरेला के बांकनेर इलाके का है, जहां रोजाना की तरह अपनी फिटनेस का ख्याल रखने जिम पहुंचे एक जाने-माने प्रॉपर्टी डीलर को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों में पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है।
सुबह ठीक सात बजे हुआ खौफनाक हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना गुरुवार सुबह करीब 7:00 बजे की है। मृतक की पहचान 42 वर्षीय प्रमोद कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पड़ोसी राज्य हरियाणा के सोनीपत जिले के अंतर्गत आने वाले राई क्षेत्र के नाहरी गांव के रहने वाले थे। प्रमोद कुमार दिल्ली के नरेला इलाके में सक्रिय रूप से प्रॉपर्टी का कारोबार संभाल रहे थे। वे 'मुकुल प्रॉपर्टी' नाम से अपना दफ्तर चला रहे थे और इसके साथ ही उनके पैतृक गांव में 'मुकुल गार्डन' के नाम से एक सुप्रसिद्ध बैंक्वेट हॉल भी संचालित होता है।
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक, प्रमोद कुमार रोज की तरह सुबह कसरत करने के लिए बांकनेर स्थित एक जिम में पहुंचे थे। जब वे जिम के बाहर मौजूद थे, तभी घात लगाकर बैठे अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। बदमाशों ने बिना किसी का लिहाज किए प्रमोद कुमार पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। सिर और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों में गोली लगने के कारण प्रमोद कुमार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों हमलावर मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
मौके पर मची अफरा-तफरी, पुलिस जांच में जुटी
दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज हत्या की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। नरेला थाना पुलिस और आला अधिकारी तुरंत भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत प्रभाव से पूरे इलाके को घेर लिया और फॉरेंसिक टीम को साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया। प्रमोद कुमार के शव को कब्जे में लेकर नजदीकी अस्पताल के मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इस नृशंस हत्या के बाद स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि अपराधियों के भीतर अब कानून का कोई डर नहीं बचा है और वे दिन के उजाले में भी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे की असल वजह क्या है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। रंजिश, प्रॉपर्टी विवाद या फिर किसी अन्य कारण से इस वारदात को अंजाम दिया गया है, इन तमाम पहलुओं पर गहराई से जांच की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज बना सकती है पुलिस का सबसे बड़ा हथियार
अपराधियों तक पहुंचने के लिए दिल्ली पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और जमीनी खुफिया तंत्र का जाल बिछा दिया है। घटना स्थल के आसपास और रास्ते में लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमलावर किस वाहन से आए थे और वारदात को अंजाम देने के बाद वे किस दिशा में फरार हुए। फुटेज में तीन संदिग्ध हमलावर नजर आ रहे हैं, जिनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए मुखबिरों को भी सक्रिय कर दिया गया है।
- घटना का समय: गुरुवार सुबह करीब 7:00 बजे
- स्थान: बांकनेर, नरेला (उत्तरी दिल्ली)
- मृतक: 42 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद कुमार (निवासी नाहरी, सोनीपत)
- अपराध का तरीका: जिम के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या
- मौजूदा स्थिति: हमलावर फरार, पुलिस की कई टीमें गठित
रोहिणी की सनसनीखेज लूट और हत्या का मामला
नरेला की यह वारदात ऐसे समय में सामने आई है जब कुछ समय पहले ही दिल्ली के रोहिणी इलाके से भी एक ऐसी ही दहला देने वाली घटना सामने आई थी। रोहिणी में लगभग 60 वर्षीय राकेश खन्ना नाम के व्यक्ति की उनके ही घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी और घर से नकदी व गहने लूट लिए गए थे। उस मामले की तह तक जाते हुए पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया था, जिसमें मृतक की अपनी ही 23 वर्षीय भतीजी सिमरन तनेजा मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आई थी। सिमरन के साथ उसके साथियों—चिराग और पारस—को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस वारदात में भी आरोपियों ने पूरी योजना के तहत दो दिन पहले घर की रेकी की थी और फिर सुनियोजित तरीके से कत्ल को अंजाम दिया था।
बढ़ते अपराधों पर उठ रहे गंभीर सवाल
राजधानी दिल्ली में लगातार सामने आ रही हत्या, लूट और गोलीबारी की इन वारदातों ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था की सुरक्षा और सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम नागरिकों के मन में यह सवाल बार-बार उठ रहा है कि क्या बदमाशों के दिलों से खाकी का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है? आए दिन हो रही इस तरह की घटनाएं दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में लाती हैं। बहरहाल, नरेला पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा पाती है, यह आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।