Breaking
► वाराणसी के चेस्टवेल क्लिनिक पर पसरा सन्नाटा, सामने आईं तस्वीरें ► जौनपुर में कृष्ण जन्मोत्सव की धूम, परियावा स्कूल में सजी अद्भुत झांकियां ► चड़वाल में गोवंश तस्करी का बड़ा प्रयास नाकाम, 16 मवेशी सुरक्षित मुक्त ► वाराणसी में बाढ़ का तांडव: पीएम मोदी ने खुद संभाली कमान, डीएम और मेयर से लिया एक-एक अपडेट ► राजस्थान पुलिस का बड़ा कदम, साइबर ठगों के हर पैंतरे को फेल करेगा नया 'ई-स्कैन ऐप' ► कठुआ डिग्री कॉलेज में छात्र राजनीति गरमाई, स्टूडेंट्स यूनाइटेड फ्रंट की नई टीम का ऐलान ► नासिक में रेलवे मुद्दों पर सांसद का कड़ा रुख, डीआरएम के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव ► शेयर बाजार में गदर: आते ही 75% उछला यह आईपीओ, निवेशकों को मिला बंपर मुनाफा ► नेपाल बाढ़ त्रासदी: 4,875 लापता लोगों की तलाश जारी, 1,252 शव बरामद ► रक्षा मंत्री ने जारी किया 'रक्षा' कूटनीति दस्तावेज, अगले 10 सालों का मास्टर प्लान तैयार ► वाराणसी के चेस्टवेल क्लिनिक पर पसरा सन्नाटा, सामने आईं तस्वीरें ► जौनपुर में कृष्ण जन्मोत्सव की धूम, परियावा स्कूल में सजी अद्भुत झांकियां ► चड़वाल में गोवंश तस्करी का बड़ा प्रयास नाकाम, 16 मवेशी सुरक्षित मुक्त ► वाराणसी में बाढ़ का तांडव: पीएम मोदी ने खुद संभाली कमान, डीएम और मेयर से लिया एक-एक अपडेट ► राजस्थान पुलिस का बड़ा कदम, साइबर ठगों के हर पैंतरे को फेल करेगा नया 'ई-स्कैन ऐप' ► कठुआ डिग्री कॉलेज में छात्र राजनीति गरमाई, स्टूडेंट्स यूनाइटेड फ्रंट की नई टीम का ऐलान ► नासिक में रेलवे मुद्दों पर सांसद का कड़ा रुख, डीआरएम के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव ► शेयर बाजार में गदर: आते ही 75% उछला यह आईपीओ, निवेशकों को मिला बंपर मुनाफा ► नेपाल बाढ़ त्रासदी: 4,875 लापता लोगों की तलाश जारी, 1,252 शव बरामद ► रक्षा मंत्री ने जारी किया 'रक्षा' कूटनीति दस्तावेज, अगले 10 सालों का मास्टर प्लान तैयार

राजस्थान पुलिस का बड़ा कदम, साइबर ठगों के हर पैंतरे को फेल करेगा नया 'ई-स्कैन ऐप'

राजस्थान पुलिस का बड़ा कदम, साइबर ठगों के हर पैंतरे को फेल करेगा नया 'ई-स्कैन ऐप'

आज के डिजिटल दौर में जहां एक तरफ तकनीक ने हमारी जिंदगी को बेहद आसान बना दिया है, वहीं दूसरी तरफ साइबर अपराधियों ने ठगी के नए और खतरनाक रास्ते तलाश लिए हैं। आए दिन मासूम लोगों की गाढ़ी कमाई फिशिंग लिंक्स और मालवेयर के जरिए पलक झपकते ही साफ हो जाती है। इसी गंभीर खतरे को भांपते हुए राजस्थान पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है और एक ऐसा तकनीकी हथियार सामने रखा है, जो आपकी डिजिटल दुनिया को महफूज रख सकता है।

साइबर सुरक्षा के मोर्चे पर बढ़ते खतरों के बीच राजस्थान पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे ऑनलाइन ठगी के नए तौर-तरीकों को लेकर अत्यधिक सतर्क रहें। अपराधियों का यह नया गिरोह किस तरह से आपके फोन और कंप्यूटर में सेंध लगा रहा है और कैसे आप इस नए 'ई-स्कैन ऐप' की मदद से अपनी बैंकिंग और निजी जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं, आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

कैसे काम करते हैं साइबर ठग?

साइबर ठग आजकल लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए बेहद शातिर हथकंडों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे अक्सर टेक्स्ट मैसेज, सोशल मीडिया या ईमेल के जरिए लुभावने ऑफर, लॉटरी या सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जी 'फिशिंग लिंक' भेजते हैं। जैसे ही कोई यूजर अनजाने में उस लिंक पर क्लिक करता है, एक खतरनाक 'बॉटनेट मालवेयर' उसके स्मार्टफोन या कंप्यूटर में चुपचाप इंस्टॉल हो जाता है।

यह मालवेयर यूजर की हर गतिविधि पर नजर रखता है। आपके मोबाइल में टाइप किए गए पासवर्ड्स, यूपीआई पिन, बैंक खातों की डिटेल और निजी तस्वीरें तक इन ठगों के सर्वर तक पहुंच जाती हैं। इसके बाद बिना यूजर की जानकारी के खाते से पैसे गायब होने का सिलसिला शुरू होता है। इस तरह के मामलों में लगातार हो रहे इजाफे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी कमर कस ली है और जनता के बीच जागरूकता अभियान तेज कर दिया है।

राजस्थान पुलिस का अचूक उपाय: ई-स्कैन ऐप

इस अदृश्य और खतरनाक डिजिटल खतरे से निपटने के लिए राजस्थान पुलिस ने 'ई-स्कैन ऐप' (eScan App) के उपयोग पर जोर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह ऐप आपके डिवाइस में छिपे मैलवेयर, ट्रोजन और संदिग्ध बॉटनेट प्रोग्राम्स को आसानी से डिटेक्ट कर सकता है और उन्हें समय रहते डिलीट या ब्लॉक कर सकता है।

ई-स्कैन ऐप की मुख्य विशेषताएं और फायदे:

  • रियल-टाइम प्रोटेक्शन: यह ऐप आपके फोन या कंप्यूटर पर आने वाले हर संदिग्ध लिंक और फाइल की तुरंत जांच करता है।
  • मालवेयर डिटेक्शन: बॉटनेट और अन्य खतरनाक मालवेयर जो पृष्ठभूमि में छिपकर डेटा चुराते हैं, उन्हें यह जड़ से खत्म करने में सक्षम है।
  • बैंकिंग सुरक्षा: ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के दौरान यह आपके फिफ्थ लेयर सिक्योरिटी को मजबूत करता है ताकि कोई भी स्पाईवेयर आपकी जानकारी चुरा न सके।
  • यूज़र-फ्रेंडली इंटरफेस: इसे इस्तेमाल करना बेहद आसान है, जिससे तकनीकी रूप से कम जागरूक लोग भी इसका लाभ उठा सकते हैं।

आम जनता के लिए जरूरी सावधानियां

केवल एक ऐप डाउनलोड कर लेने से ही पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं मिल जाती, इसके लिए आपको खुद भी डिजिटल रूप से जागरूक और सतर्क रहना होगा। साइबर विशेषज्ञों और राजस्थान पुलिस की ओर से कुछ बेहद अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका पालन हर नागरिक को करना चाहिए:

  • कभी भी किसी अनजान नंबर से आए मैसेज या सोशल मीडिया लिंक पर क्लिक न करें, भले ही वह किसी जाने-माने बैंक या सरकारी संस्थान के नाम पर क्यों न हो।
  • अपने मोबाइल और लैपटॉप के ऑपरेटिंग सिस्टम तथा सभी ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें। अपडेट्स में कई तरह के सिक्योरिटी पैचेज होते हैं जो ठगों के रास्तों को बंद करते हैं।
  • किसी भी अज्ञात ऐप को थर्ड-पार्टी सोर्स से डाउनलोड करने से बचें। हमेशा गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ही प्रमाणित ऐप्स का इस्तेमाल करें।
  • अपने बैंक खातों, ईमेल और सोशल मीडिया प्रोफाइल्स पर मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को हमेशा ऑन रखें।

साइबर ठगी का शिकार होने पर क्या करें?

यदि दुर्भाग्यवश कोई व्यक्ति इस तरह के साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाता है, तो उसे घबराने के बजाय तुरंत एक्शन लेना चाहिए। समय की बर्बादी किए बिना राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं या फिर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। शुरुआती कुछ घंटों (जिसे साइबर जगत में 'गोल्डन आवर्स' कहा जाता है) के भीतर दी गई शिकायत से ठगों के खातों को फ्रीज कराकर रकम वापस पाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

कुल मिलाकर, डिजिटल तकनीक जितनी मददगार है, उतनी ही संवेदनशील भी है। थोड़ी सी असावधानी आपकी गाढ़ी कमाई को खतरे में डाल सकती है। राजस्थान पुलिस की यह पहल निश्चित रूप से आम जनता को सुरक्षित रखने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। जरूरत इस बात की है कि हम खुद सतर्क रहें, अपने परिवार को जागरूक करें और ई-स्कैन जैसे आधुनिक सुरक्षा उपायों को अपनी डिजिटल आदत का हिस्सा बनाएं।

About the Author

रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

Writer (स्थानीय खबरें)

रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →