दलाल स्ट्रीट पर आज एक नए शेयर ने ऐसी धमाकेदार एंट्री मारी कि देखने वाले हैरान रह गए। फॉरेंसिक साइंस और एविडेंस मैनेजमेंट के क्षेत्र से जुड़ी दिग्गज कंपनी क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस लिमिटेड (Quick Forensic Solutions) के शेयरों ने स्टॉक मार्केट में कदम रखते ही अपने शुरुआती निवेशकों की झोली पैसों से भर दी। जिन लोगों को इस आईपीओ के तहत शेयर अलॉट हुए थे, उनकी तो मानों आज लॉटरी ही निकल पड़ी। कंपनी के शेयरों ने उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करते हुए बाजार में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है।
शानदार प्रीमियम के साथ हुई धमाकेदार लिस्टिंग
क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस के आईपीओ के तहत कंपनी ने अपने शेयरों का इश्यू प्राइस 90 रुपये प्रति शेयर तय किया था। निवेशकों को उम्मीद थी कि लिस्टिंग ठीक-ठाक रहेगी, लेकिन जब आज बीएसई (BSE) के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इस शेयर की ट्रेडिंग शुरू हुई, तो आंकड़े उम्मीदों से काफी आगे निकल गए। यह शेयर अपने इश्यू प्राइस से 60.67 प्रतिशत के भारी-भरकम प्रीमियम के साथ 150 रुपये के स्तर पर लिस्ट हुआ। लिस्टिंग का यह आंकड़ा ही यह बताने के लिए काफी था कि निवेशकों के बीच इस कंपनी को लेकर कितना जबरदस्त क्रेज है।
लोअर सर्किट से अपर सर्किट तक का रोमांचक सफर
बाजार खुलते ही निवेशकों में मुनाफावसूली (Profit Booking) की होड़ सी मच गई। बिकवाली के इस दबाव के कारण शेयर में थोड़ी सुस्ती आई और यह लुढ़ककर 142.50 रुपये के लोअर सर्किट पर पहुंच गया। हालांकि, यह गिरावट ज्यादा देर टिक नहीं पाई।
जैसे ही शेयर निचले स्तर पर आया, वैसे ही बाजार के दिग्गज खरीदारों (Buyers) ने इसमें ताबड़तोड़ लिवाली (Buying) शुरू कर दी। खरीदारी का यह दौर इतनी तेजी से आगे बढ़ा कि कुछ ही पलों में लोअर सर्किट टूट गया और शेयर ने रफ्तार पकड़ते हुए 157.50 रुपये के ऊपरी स्तर यानी अपर सर्किट को छू लिया। इस तरह, शुरुआती कारोबार के दौरान ही निवेशकों को प्रति शेयर 67.50 रुपये यानी कुल 75 प्रतिशत का बंपर फायदा मिल गया।
एक लॉट पर मिला 1.08 लाख रुपये का सीधा मुनाफा
इस आईपीओ में निवेश करने वाले रिटेल निवेशकों के लिए नियम के मुताबिक एक लॉट में 1,600 शेयर तय किए गए थे। चूंकि आज के कारोबार के दौरान निवेशकों को प्रति शेयर 67.50 रुपये तक का अधिकतम फायदा मिला, इसलिए जिन निवेशकों के पास एक पूरा लॉट था, उन्हें पहले ही दिन प्रति लॉट करीब 1.08 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। इतने कम समय में इतना बड़ा रिटर्न मिलना शेयर बाजार के जानकारों के लिए भी एक चर्चा का विषय बन गया है।
निवेशकों से मिला था ऐतिहासिक और बेजोड़ रिस्पॉन्स
क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस का कुल 50.77 करोड़ रुपये का यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 27 अगस्त से 31 अगस्त के बीच खुला था। इस दौरान निवेशकों ने इस पर जो भरोसा दिखाया, वह इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। यह आईपीओ कुल मिलाकर 289 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था, जो इसकी जबरदस्त मार्केट डिमांड को साफ-साफ दर्शाता है।
अलग-अलग कैटेगरी में दिखा निवेशकों का भारी उत्साह:
- qualified Institutional Buyers (QIB): इस श्रेणी के लिए आरक्षित हिस्सा लगभग 224.32 गुना सब्सक्राइब हुआ।
- Non-Institutional Investors (NII): इस सेगमेंट में निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई और यह 318.53 गुना भरा।
- Retail Investors (RII): आम खुदरा निवेशकों का हिस्सा भी पीछे नहीं रहा और इसे 313.18 गुना का भारी-भरकम सब्सक्रिप्शन मिला।
आईपीओ के फंड का कहां होगा इस्तेमाल?
इस आईपीओ के जरिए कंपनी ने 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले कुल 56,41,600 शेयर बाजार में उतारे हैं। इनमें से लगभग 42 करोड़ रुपये के 45,61,600 नए शेयर (Fresh Issue) जारी किए गए हैं, जबकि करीब 10 करोड़ रुपये के 10,80,000 शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत बेचे गए हैं।
कंपनी प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, इस आईपीओ के जरिए जुटाई गई धनराशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी की कार्यशील पूंजी (Working Capital) की जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ से जुड़े प्रशासनिक खर्चों की भरपाई करने और अन्य सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
मजबूत वित्तीय सेहत और लगातार बढ़ता मुनाफा
किसी भी कंपनी के शेयर बाजार में लंबी अवधि तक टिके रहने के लिए उसकी वित्तीय स्थिति (Financial Health) सबसे अहम होती है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के आंकड़ों पर नजर डालें तो क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी वित्तीय सेहत में अभूतपूर्व सुधार किया है:
- शुद्ध लाभ (Net Profit): वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.83 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष (2024-25) में बढ़कर सीधे 8.56 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का शुद्ध लाभ उछलकर 13.51 करोड़ रुपये के शानदार स्तर को छू गया।
- राजस्व प्राप्ति (Revenue): वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान कंपनी का कुल राजस्व 30.26 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 65.08 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा बढ़कर 105.80 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक मील के पत्थर को पार कर गया।
- ईबीआईटीडीए (EBITDA): कंपनी की परिचालन आय में भी भारी उछाल देखा गया है। वित्त वर्ष 2023-24 में यह 5.45 करोड़ रुपये थी, जो 2024-25 में 12.25 करोड़ रुपये और पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर 19.06 करोड़ रुपये हो गई।
पूरी तरह से कर्ज मुक्त हो चुकी है कंपनी
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी राहत और भरोसेमंद बात यह है कि कंपनी ने अपने कर्ज के बोझ को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 3.24 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो 2024-25 में मामूली रूप से बढ़कर 3.26 करोड़ रुपये हो गया था। हालांकि, पिछले वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने अपनी वित्तीय रणनीतियों के तहत इस पूरे कर्ज को चुका दिया और अब यह कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त (Debt-Free) हो चुकी है।
नेटवर्थ और रिजर्व में भी जबरदस्त उछाल
कंपनी की मजबूत वित्तीय नींव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका नेटवर्थ वित्त वर्ष 2023-24 में 9.86 करोड़ रुपये था, जो अगले साल बढ़कर 27.90 करोड़ रुपये और पिछले वित्त वर्ष के अंत तक 41.41 करोड़ रुपये के मजबूत स्तर पर पहुंच गया। हालांकि कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में मामूली उतार-चढ़ाव जरूर देखा गया, लेकिन कुल मिलाकर इसका फाइनेंशियल ग्राफ काफी मजबूत नजर आ रहा है।
बाजार विशेषज्ञों की राय
शेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस का बिजनेस मॉडल बेहद यूनीक है। डिजिटल फॉरेंसिक्स, एविडेंस मैनेजमेंट और डीएनए एनालिसिस जैसे सेक्टर्स में भविष्य की अपार संभावनाएं हैं, क्योंकि आज के आधुनिक दौर में कानून और सुरक्षा एजेंसियों को इन तकनीकी समाधानों की भारी जरूरत पड़ रही है। यही वजह है कि निवेशकों ने इस आईपीओ पर इतना भरोसा दिखाया है।
फिलहाल, जिन निवेशकों को यह शेयर अलॉट हुआ है, वे इसके शानदार प्रदर्शन से बेहद उत्साहित हैं। हालांकि, जानकारों की सलाह है कि एसएमई सेगमेंट के शेयरों में उतार-चढ़ाव काफी तेजी से होता है, इसलिए निवेशकों को अपनी जोखिम लेने की क्षमता (Risk Appetite) को ध्यान में रखते हुए ही दीर्घकालिक रणनीति बनानी चाहिए।