पत्रकार अंजना ओम कश्यप और शिक्षक खान सर के बीच सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चल रहा मानहानि का मामला दिल्ली हाईकोर्ट में आपसी सहमति से खत्म हो गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट में आपसी सहमति से खत्म हुआ मानहानि का प्रकरण
प्रख्यात पत्रकार अंजना ओम कश्यप और लोकप्रिय शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर के बीच पिछले काफी समय से चल रहा मानहानि का कानूनी विवाद आखिरकार आपसी सहमति के साथ समाप्त हो गया है। दोनों पक्षों ने दिल्ली उच्च न्यायालय को औपचारिक रूप से अवगत कराया है कि उन्होंने इस पूरे प्रकरण को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझा लिया है और अब इस मामले को और आगे बढ़ाने की कोई मंशा नहीं रखते हैं।
दिल्ली उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान पत्रकार अंजना ओम कश्यप की पैरवी कर रही अधिवक्ता वृंदा भंडारी ने अदालत को जानकारी दी कि खान सर सहित कुल छह प्रतिवादियों के साथ आपसी बातचीत के जरिए सभी विवादित बिंदुओं पर रजामंदी बन चुकी है। दोनों पक्षों के वकीलों ने अदालत को पुष्टि की कि आपसी संवाद के बाद सभी मुद्दों का समाधान हो चुका है, जिसके मद्देनजर अदालत ने समझौते के आधार पर इस याचिका का पूरी तरह से निपटारा कर दिया।
क्या थी पूरे विवाद की पृष्ठभूमि?
यह पूरा कानूनी विवाद ऑनलाइन शिक्षा जगत के चर्चित शिक्षकों को लेकर पत्रकार अंजना ओम कश्यप द्वारा की गई एक टिप्पणी से उत्पन्न हुआ था। इस टिप्पणी से नाराज होकर कुछ ऑनलाइन शिक्षकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने उनके खिलाफ इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई आपत्तिजनक और तीखी पोस्ट साझा की थीं। इन पोस्ट्स और टिप्पणियों को मानहानिकारक बताते हुए अंजना ओम कश्यप ने खान सर और अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
न्यायालय द्वारा नियुक्त मध्यस्थ की रही महत्वपूर्ण भूमिका
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसी साल जुलाई के महीने में दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता राजशेखर राव को इस विवाद के समाधान के लिए मध्यस्थ नियुक्त किया था। अदालत के निर्देश पर दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। इस मध्यस्थता और दोनों पक्षों के वकीलों के बीच चली बातचीत के सकारात्मक परिणाम सामने आए, जिसके तहत सभी छह प्रतिवादियों और पत्रकार के बीच आपसी सहमति बन सकी और मामला बिना किसी लंबे मुकदमेबाजी के अदालत में ही सुलझ गया।