सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले नासिक महानगरपालिका ने गोदावरी नदी की सफाई के लिए 80 कर्मचारी नियुक्त करने और 1500 करोड़ रुपये के सीवेज प्रोजेक्ट की योजना बनाई है।
सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले नासिक में गोदावरी नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए महानगरपालिका ने 1,500 करोड़ रुपये के मेगा प्लान पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत 21 किलोमीटर के दायरे में नियमित सफाई के लिए 80 कर्मचारियों की नियुक्ति और नया स्कीमर यंत्र खरीदने की तैयारी है।
आगामी सिंहस्थ कुंभ पर्व को ध्यान में रखते हुए नासिक महानगरपालिका (मनपा) ने गोदावरी नदी की स्वच्छता को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले के दौरान देशभर से साधु-संतों और लाखों श्रद्धालुओं के नासिक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में गोदावरी नदी के पात्र में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण और जलकुंभी की समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है, ताकि धार्मिक अनुष्ठानों और स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
21 किलोमीटर के दायरे में होगी विशेष सफाई
नासिक शहर की सीमा से गोदावरी नदी का प्रवाह लगभग 21 किलोमीटर तक फैला हुआ है। शहर के बीच से गुजरने वाले इस हिस्से में गंदे पानी के मिलने, प्लास्टिक कचरा जमा होने और जलकुंभी फैलने के कारण पानी लगातार दूषित हो रहा है। नदी की इस बिगड़ती स्थिति का संज्ञान लेते हुए हाल ही में महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने महानगरपालिका को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ गई है।
तीन साल के लिए 80 सफाईकर्मियों की तैनाती
नदी और उसकी सहायक नदियों की नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के लिए मनपा ने 80 स्वतंत्र सफाई कर्मचारियों की एक विशेष टीम तैनात करने का निर्णय लिया है। ये कर्मचारी आगामी तीन साल तक नदी के पात्र से जलकुंभी, जलीय वनस्पतियां, प्लास्टिक और अन्य कचरा हटाने का काम करेंगे। मनपा के पर्यावरण एवं गोदावरी संरक्षण प्रकोष्ठ की प्रमुख तथा उपायुक्त डॉ. संगीता नांदुरकर के अनुसार, इस संबंध में वर्तमान में निविदा प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही मैदानी स्तर पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
इसके अलावा नदी में रोजाना डाली जाने वाली पूजा सामग्री और प्रसाद के कचरे के कारण भी प्रदूषण बढ़ रहा है, जिसे रोकने के लिए नियमित निगरानी और सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
नया स्कीमर यंत्र और 1,500 करोड़ का सीवेज प्लान
जलकुंभी और तैरते हुए कचरे को तेजी से हटाने के लिए मनपा एक आधुनिक 'स्कीमर' यंत्र की खरीद कर रही है, जिसके लिए भी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस मशीन के आने से नदी के प्रवाह को सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
गोदावरी नदी में गंदे पानी के सीधे प्रवेश को रोकने के लिए महानगरपालिका ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने के साथ-साथ मौजूदा संयंत्रों की क्षमता और व्यवस्थाओं को मजबूत करने की योजना बनाई है। इस पूरे बुनियादी ढांचे पर लगभग 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इसके अतिरिक्त, नदी तट के समानांतर बिछी पुरानी सीवर लाइनों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पर भी तेजी से काम चल रहा है ताकि नदी को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त किया जा सके।