त्योहारों के इस सीजन में राजधानी दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं (ASHA Workers) के चेहरे पर खुशी की बड़ी लहर दौड़ पड़ी है। दिवाली के पावन पर्व से ठीक पहले रेखा सरकार ने इन जमीनी स्तर की स्वास्थ्य कर्मियों के लिए एक ऐसा बड़ा ऐलान किया है, जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। अब इन मेहनतकश महिलाओं को वित्तीय मोर्चे पर बड़ी राहत मिलने जा रही है।
त्यागराज स्टेडियम में हुआ भव्य ‘आशा सम्मेलन-2026’
अक्टूबर के इस महीने में दिल्ली का त्यागराज स्टेडियम एक ऐतिहासिक और बेहद भावुक पल का गवाह बना। यहाँ ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत भव्य ‘आशा सम्मेलन-2026’ और ‘आशा सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में गवर्नर तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संयुक्त रूप से शिरकत की और जनता के कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के दौरान माहौल उस वक्त बेहद उत्साहजनक हो गया जब मुख्यमंत्री ने मंच से आशा वर्कर्स के लिए बड़े वित्तीय ऐलान की घोषणा की। इस समारोह का मुख्य आकर्षण ज़मीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने वाली उन महिलाओं का सम्मान था, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभाई है।
अब 3 हजार की जगह मिलेगा सीधा दोगुना भत्ता
अभी तक दिल्ली की लगभग 6,690 आशा वर्कर्स को उनके काम के एवज में महीने का 3 हजार रुपये प्रोत्साहन भत्ता मिलता था, जो आज के मंहगाई के दौर में काफी कम प्रतीत होता था। इस विसंगति को दूर करते हुए सरकार ने इसमें ऐतिहासिक बढ़ोतरी का फैसला लिया है। अब इस भत्ते को बढ़ाकर सीधा 6 हजार रुपये कर दिया गया है यानी सीधे तौर पर राशि को दोगुना कर दिया गया है।
इस फैसले से राजधानी में काम कर रही हजारों आशा कार्यकर्ताओं के घरों में इस बार की दिवाली वाकई रोशन होने वाली है। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न केवल आशा वर्कर्स का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि वे पूरी ऊर्जा के साथ सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
सम्मानित हुईं उत्कृष्ट कार्य करने वाली कार्यकर्ता
भत्ते की घोषणा के अलावा, त्यागराज स्टेडियम में आयोजित इस विशेष समारोह में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया। सरकार का यह प्रयास उन महिलाओं के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है जो कोरोना काल से लेकर रूटीन टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य देखभाल में अपनी जान की परवाह किए बिना डटी रही हैं।
दिल्ली सरकार के इस कदम को राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टियों से काफी अहम माना जा रहा है। त्योहारों के ठीक पहले आया यह तोहफा निश्चित रूप से उन लाखों परिवारों को राहत देगा जो स्वास्थ्य सेवाओं की इस बुनियादी कड़ी पर निर्भर हैं।