लोक गायिका और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर से जुड़े मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने एक समाचार चैनल द्वारा कथित तौर पर उनके खिलाफ प्रसारित की गई आपत्तिजनक और भ्रामक खबर को गंभीरता से लिया है।
सोमवार को राष्ट्रीय महिला आयोग ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर कड़ा रुख अपनाया, जिनमें एक न्यूज चैनल पर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने और उनकी छवि को धूमिल करने वाला कंटेंट प्रकाशित करने का आरोप लगाया गया था। गायिका की ओर से आरोप लगाया गया था कि चैनल ने उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से यह भ्रामक रिपोर्ट प्रसारित की थी।
चैनल ने मांगी सार्वजनिक माफी
सोशल मीडिया पर तीखी आलोचनाओं और भारी विरोध का सामना करने के बाद, संबंधित समाचार चैनल ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। चैनल ने माना कि उनके द्वारा प्रसारित की गई रिपोर्ट तथ्यात्मक रूप से गलत थी और इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग ली है।
इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक पोस्ट साझा की है। आयोग ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को बदनाम करने वाले कंटेंट के प्रकाशन से जुड़ी इन रिपोर्ट्स पर आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है।
15 दिनों के भीतर एक्शन-टेकन रिपोर्ट तलब
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए, राष्ट्रीय महिला आयोग ने संबंधित प्राधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए 15 दिनों के भीतर एक्शन-टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने को कहा है। आयोग ने इस बात पर जोर दिया है कि जेंडर के आधार पर महिलाओं का चरित्र हनन और उनका डिजिटल उत्पीड़न किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
आयोग ने मीडिया संस्थानों की जवाबदेही तय करते हुए कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता का उपयोग पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। मीडिया घरानों के लिए यह आवश्यक है कि वे खबरों के प्रसारण के दौरान तथ्यों की सटीकता के साथ-साथ महिलाओं की गरिमा, निजता और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा का पूरा ध्यान रखें।