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दुनिया कितने किलोमीटर की है, क्षेत्रफल के मामले में कहां है भारत?

दुनिया कितने किलोमीटर की है, क्षेत्रफल के मामले में कहां है भारत?

ब्रह्मांड के इस विशाल विस्तार में हमारी पृथ्वी ही एकमात्र ऐसा ज्ञात ग्रह है जहाँ जीवन की न केवल संभावना है बल्कि जीवन पूरी तरह से पुष्पित और पल्लवित है। भूगोल और विज्ञान की किताबों में हमने महाद्वीपों, महासागरों और अलग-अलग देशों के बारे में बहुत कुछ पढ़ा है। संयुक्त राष्ट्र संघ की सूची के अनुसार वर्तमान में पूरी दुनिया में लगभग 195 मान्यता प्राप्त देश हैं। इन सभी देशों का आकार, जनसंख्या, संस्कृति और भौगोलिक बनावट एक-दूसरे से बिल्कुल भिन्न है। रूस जैसे विशालकाय देश से लेकर वेटिकन सिटी जैसे सूक्ष्म देशों तक, हर राष्ट्र का अपना भूभाग है।

लेकिन क्या आपके कभी मन में यह सवाल आया है कि अगर दुनिया के इन तमाम देशों के क्षेत्रफल को आपस में जोड़ दिया जाए, तो पूरी दुनिया का कुल क्षेत्रफल कितने वर्ग किलोमीटर बनता है? या फिर हमारी पूरी पृथ्वी का वास्तविक भौगोलिक दायरा कितना बड़ा है? आज हम इसी दिलचस्प विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे और जानेंगे कि क्षेत्रफल के वैश्विक मानचित्र पर भारत की स्थिति कहाँ और कैसे दर्ज है।

पृथ्वी का कुल क्षेत्रफल: जमीन और समंदर का गणित

जब हम 'दुनिया' शब्द का इस्तेमाल करते हैं, तो अक्सर हमारा तात्पर्य केवल इंसानों द्वारा बसाए गए देशों या जमीनी हिस्से से होता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो हमारी पृथ्वी का कुल सतही क्षेत्रफल (Total Surface Area) लगभग 51 करोड़ वर्ग किलोमीटर (510 million square kilometers) है।

अब इस कुल क्षेत्रफल को अगर दो मुख्य हिस्सों में बांटा जाए, तो आंकड़े हैरान करने वाले हैं:

  • महासागर और जलराशि: पृथ्वी का लगभग 71 प्रतिशत हिस्सा यानी करीब 36.1 करोड़ वर्ग किलोमीटर क्षेत्र केवल पानी से ढका हुआ है। इसमें प्रशांत, अटलांटिक, हिंद महासागर समेत सभी सागर और महासागर शामिल हैं।
  • स्थलीय भाग (लैंडमास): पृथ्वी का केवल 29 प्रतिशत हिस्सा ही ठोस जमीन के रूप में मौजूद है। इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 14.9 करोड़ वर्ग किलोमीटर (149 million square kilometers) बैठता है।

यानी अगर हम विशुद्ध रूप से देशों के क्षेत्रफल यानी जमीनी हिस्से की बात करें, तो पूरी दुनिया का वह दायरा करीब 14.9 करोड़ वर्ग किलोमीटर है जिस पर इंसानी बस्तियां, जंगल, पर्वत और रेगिस्तान बसे हुए हैं।

क्षेत्रफल के मामले में दुनिया के शीर्ष देश

दुनिया के इस 14.9 करोड़ वर्ग किलोमीटर के जमीनी भूभाग पर करीब 195 देश अपनी सीमाओं के साथ टिके हुए हैं। इन सभी देशों में क्षेत्रफल का वितरण बहुत असमान है। कुछ देशों के पास दुनिया का एक बहुत बड़ा हिस्सा है, तो कई देश ऐसे हैं जो एक छोटे से शहर जितने बड़े हैं।

आइए नजर डालते हैं दुनिया के उन शीर्ष देशों पर जो क्षेत्रफल के मामले में सबसे आगे हैं:

  • रूस (Russia): क्षेत्रफल के मामले में रूस निर्विवाद रूप से दुनिया का सबसे बड़ा देश है। इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 1.71 करोड़ वर्ग किलोमीटर है, जो अकेले ही दुनिया के कुल जमीनी हिस्से का लगभग 11 प्रतिशत हिस्सा कवर करता है।
  • कनाडा (Canada): दूसरे स्थान पर उत्तरी अमेरिकी देश कनाडा आता है, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 99.8 लाख वर्ग किलोमीटर है।
  • चीन (China): तीसरे स्थान पर एशियाई महाद्वीप का महाशक्ति देश चीन है। चीन का कुल क्षेत्रफल लगभग 96 लाख वर्ग किलोमीटर है।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका (USA): चौथे स्थान पर अमेरिका आता है, जिसका क्षेत्रफल भी लगभग 98 लाख से 9.3 मिलियन वर्ग किलोमीटर (जलक्षेत्र को शामिल करते हुए भिन्नता के साथ) के आसपास है।
  • ब्राजील (Brazil): दक्षिण अमेरिका का सबसे बड़ा देश ब्राजील पांचवें स्थान पर है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 85.1 लाख वर्ग किलोमीटर है।
  • ऑस्ट्रेलिया (Australia): छठे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप/देश है, जिसका क्षेत्रफल करीब 76.9 लाख वर्ग किलोमीटर है।

किस नंबर पर आता है भारत?

अब सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण सवाल यह है कि दुनिया के इतने सारे देशों के बीच हमारा देश भारत किस पायदान पर खड़ा है? क्या भारत का आकार वैश्विक स्तर पर बड़ा माना जाता है?

क्षेत्रफल के वैश्विक आंकड़ों के अनुसार, भारत दुनिया में सातवें (7th) स्थान पर आता है। हमारे देश का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 32,87,263 वर्ग किलोमीटर (3.287 million square kilometers) है।

अगर इसे वैश्विक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो भारत के पास दुनिया के कुल जमीनी भूभाग का केवल 2.4 प्रतिशत हिस्सा ही है। इसके बावजूद, भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी का घर है। इसका मतलब यह है कि कम जमीन पर दुनिया की आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा निवास करता है, जो भारत के उच्च जनघनत्व (Population Density) को दर्शाता है।

भारत की भौगोलिक विविधता और सीमाएं

भले ही क्षेत्रफल के मामले में भारत दुनिया का सातवां सबसे बड़ा देश हो, लेकिन इसकी भौगोलिक विविधता अद्भुत है। उत्तर में दुनिया की सबसे ऊंची पर्वतमाला हिमालय का ताज, दक्षिण में तीनों ओर फैला विशाल महासागर, पश्चिम में थार का मरुस्थल और पूर्व में घने व हरे-भरे जंगल भारत को एक उपमहाद्वीप का स्वरूप देते हैं।

भारत की मुख्य भूमि की तटरेखा (Coastline) लगभग 7,516 किलोमीटर लंबी है, और इसकी स्थलीय सीमा (Land Frontier) लगभग 15,200 किलोमीटर तक फैली है। पड़ोसी देशों के साथ अपनी सीमाओं को साझा करने वाला भारत दक्षिण एशिया का सबसे प्रभावशाली और भू-राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राष्ट्र है।

क्षेत्रफल के मामले में अन्य प्रमुख देश और रोचक तथ्य

दुनिया की इस भौगोलिक पहेली में कुछ और ऐसे तथ्य हैं जो हर किसी को हैरान कर सकते हैं:

  • अगर आप दुनिया के सबसे छोटे देश की बात करें, तो वह यूरोप में स्थित वेटिकन सिटी है, जिसका कुल क्षेत्रफल मात्र 0.49 वर्ग किलोमीटर (लगभग 121 एकड़) है। यह इतना छोटा है कि इसे कुछ ही मिनटों में पैदल पूरा घूमा जा सकता है।
  • रूस का क्षेत्रफल इतना अधिक है कि वहां एक ही देश के भीतर 11 अलग-अलग टाइम जोन (Time Zones) काम करते हैं। यानी देश के एक कोने में सुबह हो रही होती है, तो दूसरे कोने में रात ढल रही होती है।
  • भारत क्षेत्रफल के मामले में रूस से बहुत पीछे अवश्य है, लेकिन दुनिया के कई यूरोपीय देश (जैसे यूके, फ्रांस, जर्मनी) भारत के सामने आकार में बहुत छोटे हैं। उदाहरण के लिए, यूनाइटेड किंगडम (UK) भारत के क्षेत्रफल का लगभग एक-तिहाई हिस्सा भी नहीं है।

निष्कर्ष

निष्कर्ष के तौर पर यह कहा जा सकता है कि 'दुनिया कितने किलोमीटर की है' इस सवाल का जवाब दो स्तरों पर दिया जा सकता है। अगर हम पूरी पृथ्वी के कुल सतही दायरे की बात करें तो वह करीब 51 करोड़ वर्ग किलोमीटर है, जिसमें महासागरों का विशाल साम्राज्य शामिल है। वहीं, अगर हम इंसानों द्वारा बांटे गए देशों और महाद्वीपों के ठोस जमीनी हिस्से की बात करें, तो वह लगभग 14.9 करोड़ वर्ग किलोमीटर बैठता है।

इस विशाल भूभाग पर भारत 32.87 लाख वर्ग किलोमीटर के साथ सातवें स्थान पर गर्व से खड़ा है। आकार छोटा होने के बावजूद भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और रणनीतिक ताकत इसे वैश्विक मंच पर एक महाशक्ति के रूप में स्थापित करती है। भूगोल के ये आंकड़े न केवल हमें हमारी धरती के आकार का अहसास कराते हैं, बल्कि यह भी सिखाते हैं कि सीमित संसाधनों के साथ इस नीले ग्रह पर तालमेल बिठाकर कैसे आगे बढ़ना है।

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गुंजा पांडेय

गुंजा पांडेय

Chief Sub Editor (Sports & Science)

गुंजा पांडेय तेज़ी से बदलती खबरों की दुनिया में अपनी पकड़ के लिए जानी जाती हैं। वे खेल और विज्ञान जैसे विषयों को न सिर्फ अपडेटेड रखती हैं, बल्कि उन...

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