दिल्ली में ऑरा इंडिया टूर 2026 की शुरुआत पर पंजाबी गायक ने आलोचकों को दिया करारा जवाब
लोकप्रिय पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित अपने भव्य संगीत कार्यक्रम के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और अभिजीत दिपके की आलोचना पर खुलकर अपनी बात रखी। शुक्रवार शाम को हुए इस कॉन्सर्ट में लगभग सत्तर हजार से अधिक प्रशंसकों की भीड़ जुटी थी, जिनके सामने दिलजीत ने मंच से तीखा अंदाज दिखाते हुए कहा कि पंजाबियों को यह सिखाने की जरूरत नहीं है कि लड़ाइयां कैसे लड़ी जाती हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि और पुराना बयान
इस पूरे घटनाक्रम की जड़ें पिछले एक विवाद से जुड़ी हैं, जब नीट परीक्षा लीक मामले को लेकर सीजेपी द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था। उस दौरान एक प्रशंसक ने विरोध-प्रदर्शनों और सामाजिक मुद्दों पर दिलजीत दोसांझ से उनकी राय मांगी थी। जवाब में सिंगर ने कहा था कि वह केवल एक कलाकार हैं और उन्हें ऐसे विवादों से दूर रखा जाए। इस टिप्पणी के बाद सीजेपी से जुड़े अभिजीत दिपके ने मंच से दिलजीत की आलोचना की थी और टिप्पणी करते हुए कहा था कि सामाजिक मुद्दों पर आना पड़ता है, वरना फिल्में बैन हो जाती हैं।
मंच से क्या बोले दिलजीत दोसांझ?
दिल्ली कॉन्सर्ट के दौरान वायरल हुए वीडियो में दिलजीत दोसांझ सीधे तौर पर किसी का नाम तो नहीं लेते हैं, लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर हालिया आलोचनाओं की तरफ था। उन्होंने हजारों प्रशंसकों की मौजूदगी में कहा कि वह एक कलाकार हैं और सभी से प्रेम करते हैं। उन्होंने दर्शकों से मुखातिब होते हुए कहा, 'मैं चुप हूं तो मुझे चुप ही रहने दो। मैं आप सबका समर्थन करता हूं, लेकिन पंजाबियों को यह मत सिखाओ कि कैसे लड़ा जाता है।' उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और उनके प्रशंसक इसे एक मजबूत प्रतिक्रिया मान रहे हैं।
अभिजीत दिपके की प्रतिक्रिया
दिलजीत दोसांझ के इस तंज के सामने आने के बाद अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। दिपके ने अपनी पोस्ट में दिलजीत की तारीफ करते हुए उन्हें अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ बताया और कहा कि उन्होंने भारत का नाम वैश्विक मंच पर रोशन किया है। दिपके ने लिखा कि वह हमेशा से दिलजीत की हिम्मत और ईमानदारी के प्रशंसक रहे हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दिलजीत की पिछली टिप्पणी से उन्हें व्यक्तिगत रूप से बुरा लगा था क्योंकि वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। हालांकि, वैचारिक मतभेद के बावजूद उन्होंने साफ किया कि इससे दिलजीत के प्रति उनके सम्मान और प्रेम में कोई कमी नहीं आई है और उन्होंने बड़े भाई की तरह इस बात को खत्म करने की अपील की है।