भारतीय सिनेमा में महिला-केंद्रित और महिला प्रधान फिल्मों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। बॉक्स ऑफिस से लेकर ओटीटी प्लेटफॉर्म्स तक, हर जॉनर में अभिनेत्रियां मुख्य भूमिकाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
साल 2026 में रिलीज हुईं फीमेल लीड फिल्मों ने यह साबित कर दिया है कि दर्शक लीक से हटकर बनाई जा रही कहानियों को पसंद कर रहे हैं। पारंपरिक रूप से पुरुष प्रधान समझे जाने वाले जॉनर में भी अब अभिनेत्रियां कहानियों को अपने दम पर आगे बढ़ा रही हैं।
बॉक्स ऑफिस पर यामी गौतम की फिल्म का शानदार प्रदर्शन
अमेजन एमजीडब्ल्यू स्टूडियोज और कलर येलो के बैनर तले बनी फैंटेसी फैमिली-एंटरटेनर फिल्म 'नई-नवेली' ने सिनेमाघरों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। इस फिल्म ने दुनिया भर में अब तक 25.2 करोड़ रुपये (25 करोड़ से अधिक) का शानदार कलेक्शन कर लिया है। फिल्म में अभिनेत्री यामी गौतम धर ने मोहिनी नाम का एक अनोखा किरदार निभाया है, जिसे दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। इस सफलता ने एक बार फिर यह रेखांकित किया है कि मजबूत महिला किरदारों वाली फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर अच्छा दर्शक वर्ग मिल रहा है।
हर जॉनर में अभिनेत्रियों का दमदार अभिनय
यह बदलाव किसी एक जॉनर या फिल्म तक सीमित नहीं है। एक्शन से लेकर थ्रिलर और पारिवारिक ड्रामा तक, हर श्रेणी में अभिनेत्रियों को मुख्य भूमिकाएं मिल रही हैं। आने वाली या हाल की फिल्मों में आलिया भट्ट और शरवरी की एक्शन फिल्म 'अल्फा' हो या करीना कपूर खान की क्राइम थ्रिलर फिल्म 'दायरा', मुख्य भूमिकाओं में महिलाओं का दबदबा साफ नजर आता है।
इसके साथ ही 'क्रू', 'लापता लेडीज', 'राजी' और 'मर्दानी' जैसी फिल्मों ने यह दिखाया है कि महिलाएं कॉमेडी, सामाजिक मुद्दों, जासूसी और ड्रामा जैसे विभिन्न विषयों पर आधारित कहानियों का केंद्रबिंदु बन सकती हैं। सिनेमा अब एक ही बने-बनाए फार्मूले तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि विभिन्न विषयों पर नए प्रयोग हो रहे हैं।
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी महिला किरदारों की मजबूत पकड़
केवल बड़े पर्दे पर ही नहीं, बल्कि ओटीटी जगत की वेब सीरीज में भी महिला प्रधान भूमिकाओं का बोलबाला है। प्राइम वीडियो पर प्रसारित होने वाली सीरीज जैसे 'दहाड़' और 'सिस्टम' के साथ-साथ सोनीलिव पर हुमा कुरैशी अभिनीत 'महारानी' जैसी सीरीज में महिलाओं को प्रशासनिक पदों, राजनीतिक दांव-पेंच और अपराध की दुनिया के केंद्र में दिखाया गया है। इन कहानियों में राजनीति, रोमांच, एक्शन और थ्रिलर का मिश्रण दर्शकों को आकर्षित कर रहा है।
पारंपरिक सोच में बदलाव
इन तमाम फिल्मों और सीरीज की व्यावसायिक सफलता ने फिल्म इंडस्ट्री की उस पुरानी बहस को लगभग समाप्त कर दिया है, जिसमें यह सवाल उठाया जाता था कि क्या अभिनेत्रियां अकेले अपने दम पर किसी फिल्म को व्यावसायिक सफलता दिला सकती हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि महिला प्रधान फिल्में एक्शन, जासूसी अभियानों और फैंटेसी के नए रूपों के साथ किस प्रकार दर्शकों के सामने आती हैं।