मऊ से विधायक और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के बागी तेवर और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने बयानों के बीच, अब्बास अंसारी ने एक बार फिर सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी लगातार राजभर की पार्टी को नुकसान पहुंचा रही है और उसका अस्तित्व समाप्त कर रही है।
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने ओम प्रकाश राजभर को संबोधित करते हुए कहा कि वे उन्हें एक चाचा के रूप में नसीहत दे रहे हैं कि बीजेपी उनकी पार्टी को अंदर ही अंदर खा रही है। उन्होंने याद दिलाया कि जिस मुख्य उद्देश्य यानी आरक्षण के मुद्दे और राजभर समाज को उसका हक दिलाने के वादे के साथ पार्टी की नींव रखी गई थी और जनता ने भरोसा जताकर नेताओं को आगे बढ़ाया था, आज सत्ता में आने के बाद भी वह पार्टी अपने ही समाज के लोगों को न्याय दिलाने में नाकाम साबित हो रही है।
आरक्षण और अन्य दलों के नेताओं की स्थिति पर बयान
अब्बास अंसारी ने अपने संबोधन में एनडीए गठबंधन के भीतर अन्य सहयोगी दलों की मनःस्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केवल ओम प्रकाश राजभर ही नहीं, बल्कि निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद जैसे नेता भी अब यह कहने के लिए मजबूर हो चुके हैं कि यदि आरक्षण के मुद्दे पर स्पष्ट बात नहीं हुई तो उन्हें कोई कड़ा कदम उठाना पड़ेगा। उनके अनुसार, यही घुटन और कसक ओम प्रकाश राजभर, अपना दल (एस) की नेता अनुप्रिया पटेल और राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के प्रमुख जयंत चौधरी के दिल में भी है, और वे सभी केवल सही समय का इंतजार कर रहे हैं।
सरकार पर बुनियादी जरूरतें और रोजगार न देने का आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए अब्बास अंसारी ने आरोप लगाया कि आम जनता तक पर्याप्त मदद, जरूरी संसाधन और रोजगार के अवसर नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो रही हैं, जिसके कारण जनता के भीतर सरकार के खिलाफ भारी नाराजगी व्याप्त है। सांप्रदायिकता की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि अब इस तरह की राजनीति लंबे समय तक नहीं टिकेगी। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी और सीआईएसएफ जैसे केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कथित तौर पर प्रशासनिक जिद और बेईमानी का परिणाम है।
एमएलसी चुनावों और प्रबुद्ध वर्ग पर टिप्पणी
आगामी या चल रहे विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों का जिक्र करते हुए अब्बास अंसारी ने कहा कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के ये चुनाव प्रबुद्ध वर्ग से जुड़े होते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि शिक्षक और शिक्षित वर्ग चीजों को गहराई से समझता है और दूसरों के भविष्य को संवारने वाला यह वर्ग सोच-समझकर ही अपना मताधिकार का प्रयोग करेगा। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि असली चिंता चुनावों में निष्पक्षता को लेकर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र, धनबल, बाहुबल और दबाव की राजनीति के साथ-साथ मतदाता सूची में गड़बड़ी व गलत प्रविष्टियों को लेकर चुनाव कराने वाली संस्थाओं की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, फिर भी यह चुनाव प्रक्रिया अब तक आगे बढ़ी है।