वाराणसी के ऐतिहासिक कूचबिहार कालीबाड़ी परिसर में पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से 80 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक और भव्य आठ मंजिला अतिथि निवास का निर्माण कराया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पश्चिम बंगाल से काशी आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को उच्च श्रेणी की आवासीय सुविधा प्रदान करना तथा धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।
पश्चिम बंगाल की पर्यटन राज्यमंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक सुमंत सहाय और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हाल ही में वाराणसी के बंगालीटोला इलाके में स्थित इस परिसर का स्थलीय दौरा किया और वहां की स्थिति का जायजा लिया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सोनारपुरा रोड पर स्थित यह कालीबाड़ी परिसर काशी विश्वनाथ मंदिर से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रस्तावित अतिथि निवास में कुल 60 कमरे और 10 सुइट उपलब्ध कराए जाएंगे।
ऐतिहासिक हवा महल का होगा नवीनीकरण
इस पूरी परियोजना के तहत केवल नया अतिथि निवास ही नहीं बनाया जाएगा, बल्कि परिसर में स्थित ऐतिहासिक हवा महल का नवीनीकरण भी किया जाएगा। हालांकि, इसके सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार के दौरान इसकी प्राचीन स्थापत्य शैली और मौलिक स्वरूप को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा। इसके अलावा, परिसर में बेसमेंट पार्किंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी, जिससे वाहनों के खड़े करने की समस्या से राहत मिलेगी।
महाराजा हरेंद्र नारायण ने शुरू कराया था निर्माण
वाराणसी का कूचबिहार कालीबाड़ी परिसर बंगाल और काशी के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक एवं धार्मिक संबंधों का एक प्रमुख प्रतीक है। लगभग 200 वर्ष पूर्व कूचबिहार के तत्कालीन महाराजा हरेंद्र नारायण भूप बहादुर ने अपने जीवन के अंतिम वर्ष वाराणसी में बिताने की इच्छा से सोनारपुरा क्षेत्र में काली मंदिर और आवास के रूप में हवा महल के निर्माण की नींव रखी थी। वर्ष 1836 में शुरू हुआ यह निर्माण कार्य उनके जीवनकाल में पूरा नहीं हो सका था। बाद में उनके पुत्र महाराजा शिवेंद्र नारायण ने लगभग दो एकड़ भूमि पर इस निर्माण कार्य को संपन्न कराया था। समय के बीतने के साथ इस ऐतिहासिक संपत्ति की प्रशासनिक जिम्मेदारी पश्चिम बंगाल सरकार के पर्यटन विभाग के पास आ गई।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया परिसर
प्रस्तावित आठ मंजिला अतिथि निवास में ठहरने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए कई आधुनिक प्रबंध किए जाएंगे। इसमें बेसमेंट पार्किंग के साथ-साथ एक सुसज्जित बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट, आधुनिक जिम, कैफेटेरिया और एक पुस्तकालय भी बनाया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को एक ही परिसर में आवास, खानपान और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिल सकेंगी। चार अक्टूबर को बंगाल भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने भी इस परिसर का दौरा कर यहां पश्चिम बंगाल भवन और सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की थी। हालांकि, वर्तमान में इस विशाल परियोजना के निर्माण कार्य की शुरुआत करने और इसे पूरा करने की कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
2022 में ममता सरकार के कार्यकाल में उठी थी मांग
वाराणसी में बंगाल सरकार के लिए किसी अतिथि भवन या 'बंग भवन' के निर्माण की पहल नई नहीं है। पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2022 के दौरान भी ऐसी योजना बनाई गई थी। मार्च 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के सिलसिले में वाराणसी आईं तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और गंगा आरती के बाद यहां आने वाले बंगाली श्रद्धालुओं के लिए एक सरकारी आवास की आवश्यकता महसूस की थी। उस समय तत्कालीन मुख्यशिकार और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोक निर्माण विभाग को बंगालीटोला इलाके में स्थित हवा महल के सामने खाली पड़ी जमीन पर नक्शा तैयार करने का निर्देश दिया था, लेकिन किन्हीं कारणों से वह परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई थी। अब नई सरकार ने इसी ऐतिहासिक परिसर में नए स्वरूप के साथ इस अतिथि निवास की योजना को आगे बढ़ाया है।