झांसी के थाना नवाबाद क्षेत्र में स्कूलों में योगा टीचर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 40 बेरोजगारों से 25 से 30 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी अभी भी फरार चल रहा है।
उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद में नौकरी के नाम पर ठगी का यह मामला सामने आने के बाद से प्रशासनिक हलकों में चर्चा है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब पीड़ितों ने सामूहिक रूप से न्याय की गुहार लगाई। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाया था।
चिरगांव में संचालित होता था फर्जी कार्यालय
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि इस ठगी को अंजाम देने के लिए झांसी के चिरगांव इलाके में एक कार्यालय संचालित किया जाता था। इस पूरे सेंटर की देखरेख राजेश मिश्रा द्वारा की जाती थी। कार्यालय के माध्यम से आसपास के क्षेत्रों में यह प्रचारित किया गया कि स्कूलों में योग शिक्षकों की बंपर भर्तियां की जानी हैं।
आरोपियों ने नौकरी की आस लगाए बैठे करीब 40 लोगों को अपने जाल में फंसाया। प्रत्येक पीड़ित से योगा टीचर की नौकरी पक्की कराने के एवज में भारी-भरकम रकम वसूली गई। इस तरह कुल मिलाकर 25 से 30 लाख रुपये की राशि ऐंठी गई। तय समय बीतने के बाद भी जब किसी को नियुक्ति पत्र नहीं मिला और पैसे भी वापस नहीं किए गए, तब पीड़ितों को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ।
मनोज राय की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा
इस धोखाधड़ी की शुरुआत झांसी निवासी मनोज राय की औपचारिक शिकायत से हुई थी। मनोज राय ने थाना नवाबाद में शिकायती पत्र देकर राजेश मिश्रा और नसीम अहमद के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने पुलिस को बताया था कि इन दोनों ने उनसे और उनके तमाम परिचितों से स्कूलों में नौकरी लगवाने के नाम पर नकदी ली थी।
शिकायत मिलने और प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद, 31 अगस्त 2025 को थाना नवाबाद में दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए फरार चल रहे थे और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, दूसरे की तलाश जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीमों को आरोपियों की सुरागरसी में लगाया गया था। एसपी सिटी प्रीति सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि विवेचना के दौरान वांछित चल रहे आरोपियों में से मुख्य आरोपी राजेश मिश्रा, जो कि चिरगांव का रहने वाला है, उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे विधिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे आगे की न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
वहीं, इस पूरे प्रकरण का दूसरा मुख्य आरोपी नसीम अहमद, जो लक्ष्मी नगर, नई दिल्ली का निवासी बताया गया है, अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अन्य संलिप्त लोगों और वित्तीय लेनदेन के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है और आगे की विधिक कार्रवाई तेजी से जारी है।