साउथ और बॉलीवुड में अपनी खूबसूरती व अभिनय से खास पहचान बनाने वाली अभिनेत्री रीमा सेन आज फिल्मी दुनिया की चकाचौंध से दूर एक शांत और पारिवारिक जीवन व्यतीत कर रही हैं। उनका यह सफर कई उतार-चढ़ाव, शुरुआती असफलताओं और फिर एक धमाकेदार वापसी के बीच, सिनेमाई यादों से भरा रहा है।
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में जन्मी रीमा सेन का शुरुआती जीवन एक साधारण माहौल में बीता। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट थॉमस स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। कई प्रतिष्ठित विज्ञापन अभियानों और लोकप्रिय म्यूजिक वीडियो में काम करने के बाद उनके लिए सिनेमा के रास्ते खुले।
साउथ सिनेमा से धमाकेदार शुरुआत
रीमा सेन ने वर्ष 2000 में तेलुगु सिनेमा का रुख किया और फिल्म 'चित्रम' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में उन्होंने 'जानकी' का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा। यह फिल्म उनके करियर की पहली बड़ी व्यावसायिक सफलता साबित हुई, जिसके बाद दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में उनके नाम की चर्चा होने लगी और उन्हें लगातार काम मिलने लगा।
बॉलीवुड में शुरुआती संघर्ष और असफलताएं
दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी पकड़ मजबूत करने के बाद रीमा ने हिंदी सिनेमा की ओर कदम बढ़ाया। वर्ष 2001 में उन्होंने फरदीन खान के साथ फिल्म 'हम हो गए आपके' से बॉलीवुड में पदार्पण किया। दर्शकों को उनसे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो पाई और उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी।
इसके बाद वर्ष 2002 में उन्होंने एक्शन स्टार सनी देओल के साथ फिल्म 'जाल द ट्रैप' में अभिनय किया। हालांकि, यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल दिखाने में नाकामयाब रही और फ्लॉप साबित हुई। लगातार मिलती असफलताओं ने उनके हिंदी सिनेमा करियर के शुरुआती चरण को चुनौतीपूर्ण बना दिया।
कॉमेडी से लेकर डार्क थ्रिलर तक का सफर
शुरुआती असफलताओं के बावजूद रीमा सेन ने हार नहीं मानी। वर्ष 2006 में उन्होंने प्रियदर्शन निर्देशित कॉमेडी फिल्म 'मालामाल वीकली' में रितेश देशमुख के साथ काम किया, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया। इसी वर्ष उन्हें तमिल फिल्म 'वल्लवन' में उनके अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ खलनायक (बेस्ट विलेन) का पुरस्कार भी मिला, जिसने उनकी बहुमुखी प्रतिभा को साबित किया।
उनके फिल्मी करियर का सबसे बड़ा निर्णायक मोड़ वर्ष 2002 नहीं बल्कि 2012 में आया, जब निर्देशक अनुराग कश्यप की बहुचर्चित फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' रिलीज हुई। इस फिल्म में अभिनेता मनोज बाजपेयी के साथ उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और मजबूत अभिनय ने बॉक्स ऑफिस पर गहरी छाप छोड़ी। यह फिल्म उनके करियर की सबसे बड़ी और यादगार हिट फिल्मों में गिनी जाती है।
चकाचौंध से दूर पारिवारिक जीवन
सिनेमा जगत में कुछ समय तक अपने अभिनय का जलवा बिखेरने के बाद रीमा सेन ने धीरे-धीरे फिल्मों से दूरी बना ली। बॉलीवुड और टॉलीवुड दोनों जगह काम करने का अनुभव बटोरने के बाद उन्होंने अपनी व्यक्तिगत जिंदगी और परिवार को प्राथमिकता दी। वर्तमान में वह लाइमलाइट और मीडिया की चकाचौंध से कोसों दूर अपने परिवार और बच्चों के साथ एक सुकून भरी जिंदगी बिता रही हैं।