लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा मौत मामले में पुलिस और जेल प्रशासन लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। मामले की मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे से जेल में मिलने पहुंची एक महिला को पुलिस ने बिना मुलाकात किए ही वापस लौटा दिया।
लखनऊ जिला कारागार में बंद मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर से मिलने वाले लोगों की गतिविधियों पर पुलिस की कड़ी नजर है। इसी कड़ी में एक महिला सुबह खुद को श्रद्धा की करीबी दोस्त बताकर जेल पहुंची। जेल प्रशासन और हजरतगंज पुलिस ने जब उससे मुलाकात का उद्देश्य और संबंध के बारे में पूछताछ की, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी।
संतोषजनक जवाब न मिलने और संदेह गहराने पर सुरक्षा अधिकारियों ने महिला को आरोपियों से मिलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद महिला ने जेल परिसर में हंगामा भी किया, लेकिन पुलिस और जेल प्रशासन के सख्त रुख के आगे उसकी एक नहीं चली और उसे बैरंग वापस लौटना पड़ा। हजरतगंज पुलिस अब जेल में आने वाले प्रत्येक आगंतुक की पृष्ठभूमि और संपर्कों की गहन छानबीन कर रही है।
मानवाधिकार आयोग का दखल और जांच के निर्देश
इस पूरे घटनाक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने लखनऊ के पुलिस आयुक्त तरुण गाबा को आधिकारिक पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई दिल्ली के सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा राजपूत की शिकायत पर की गई है।
शिकायतकर्ता ने 9 अक्टूबर को एक अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर गंभीर सवाल उठाए थे। मृतक के परिजनों ने भी इसे हत्या बताते हुए आशंका जताई थी। मानवाधिकार आयोग ने अपने निर्देश में कहा है कि घटना के सीसीटीवी फुटेज, मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सकीय व पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अब तक की पुलिस जांच को आधार बनाकर सच्चाई का पता लगाया जाए।
फरारी में मदद करने वाले आमिर की तलाश जारी
घटना के बाद 9 अक्टूबर को श्रद्धा, रश्मि और दानिश को लखनऊ से सीतापुर के रास्ते रुपईडीहा ले जाकर नेपाल बॉर्डर पार कराने वाले मुख्य मददगार आमिर की तलाश में हजरतगंज पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस को आमिर के खिलाफ कुछ अहम सीसीटीवी फुटेज हाथ लगे हैं। पुलिस का कहना है कि आमिर के पकड़े जाते ही उसका नाम इस मामले की एफआईआर में आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया जाएगा। इसके अलावा पुलिस ने तीन से चार अन्य मददगारों को भी चिह्नित किया है, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
बैंक खातों की पड़ताल और वित्तीय शिकंजा
जांच को आगे बढ़ाते हुए हजरतगंज पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर तनवीर के बैंक खातों का पूरा ब्योरा जुटाने के लिए विभिन्न बैंकों को पत्र लिखा है। फरार होने के दौरान ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए श्रद्धा के भारतीय स्टेट बैंक (SBI) खाते को फ्रीज करा दिया था, जिसमें करीब 6 लाख रुपये जमा थे। इसके अतिरिक्त, सहारनपुर पुलिस के सहयोग से एक अन्य बैंक खाते को भी पहले ही फ्रीज कराया जा चुका है, ताकि आरोपियों के वित्तीय लेन-देन पर रोक लगाई जा सके।