अमेरिकी मिडटर्म चुनाव 2026: क्या डेमोक्रेट्स के कांग्रेस जीतने से पलट जाएगी ट्रंप प्रशासन की चाल?
अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि (midterm) चुनावों के लिए हफ्तों से अर्ली वोटिंग जारी है। इस चुनाव में अमेरिकी मतदाता प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) और सीनेट (Senate) के सदस्यों के साथ-साथ कुछ राज्यों में गवर्नरों का चुनाव कर रहे हैं। इन चुनावों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक बड़े लिटमस टेस्ट के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि सर्वेक्षणों के संकेत बताते हैं कि नवंबर के ये नतीजे मौजूदा सत्ताधारी दल के लिए राजनीतिक हलचल पैदा कर सकते हैं।
संसद के दोनों सदनों का मौजूदा राजनीतिक गणित
फिलहाल कांग्रेस के दोनों सदनों पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण है। प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन के पास 218 और डेमोक्रेट्स के पास 214 सीटें हैं, जबकि दो सीटें खाली हैं। वहीं सीनेट में रिपब्लिकन के पास 53 सीटें हैं, जबकि डेमोक्रेट्स और दो निर्दलीय सदस्यों के पास कुल 47 सीटें हैं। सीनेट में बहुमत के लिए डेमोक्रेट्स को 51 सीटों की आवश्यकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन दोनों ही सदनों में बहुमत हासिल करने के लिए डेमोक्रेट्स को प्रत्येक सदन में कम से कम चार सीटों का नेट गेन करना होगा।
प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर मतदान हो रहा है, जहां नियंत्रण के लिए 218 के साधारण बहुमत की जरूरत है और इसमें कोई टाई-ब्रेकर नहीं होता है। दूसरी ओर, सीनेट में 100 में से केवल 35 सीटों पर चुनाव हो रहा है, जिनमें से रिपब्लिकन पार्टी 22 सीटों का बचाव कर रही है। सीनेट में 4 सीटों का नेट गेन डेमोक्रेट्स को 51 के जादुई आंकड़े तक पहुंचा देगा। यदि 3 सीटों का फायदा होता है, तो सीनेट में 50-50 की बराबरी हो जाएगी, जिस स्थिति में रिपब्लिकन उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) अपने निर्णायक वोट का इस्तेमाल करेंगे। ये आंकड़े 26 अक्टूबर 2026 तक की स्थिति पर आधारित हैं, जिन्हें कालशी न्यूज, बैलेंस ऑफ पावर और बॉलपीडिया जैसे स्रोतों से लिया गया है।
डेमोक्रेट्स के हाथ सत्ता आने पर क्या होंगे अधिकार?
यदि डेमोक्रेट्स मध्यावधि चुनावों के बाद कांग्रेस के एक या दोनों सदनों पर नियंत्रण पा लेते हैं, तो उनके पास सुनवाई आयोजित करने, समन जारी करने और जांच का नेतृत्व करने जैसे महत्वपूर्ण अधिकार आ जाएंगे। 'यूएसए टुडे' की रिपोर्ट के अनुसार, यदि डेमोक्रेट्स कांग्रेस पर कब्जा जमा लेते हैं, तो वाशिंगटन के सत्ता के गलियारों में एक नाटकीय रूप से नया राजनीतिक परिदृश्य उभर कर सामने आएगा।
कांग्रेस पर नियंत्रण मिलने के बाद डेमोक्रेट्स ट्रंप प्रशासन के एजेंडे पर अपनी निगरानी भी बनाए रख पाएंगे। हालांकि, केवल मिडटर्म जीतने मात्र से पार्टी अमेरिकी राष्ट्रपति को उनके पद से नहीं हटा पाएगी, लेकिन राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग (impeachment) पर चर्चा जरूर शुरू हो सकती है।
माइक जॉनसन का भविष्य और डेमोक्रेट्स का 100-दिनों का एजेंडा
इस बीच, रिपब्लिकन पार्टी के प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा है कि यदि मिडटर्म चुनावों में उनकी पार्टी सदन का नियंत्रण खो देती है, तो उन्हें नहीं पता कि उनका राजनीतिक करियर आगे रहेगा या नहीं। स्पीकर ने इस बात पर जोर दिया कि वह पूरी तरह से इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि रिपब्लिकन कांग्रेस में अपना बहुमत बरकरार रखें। फॉक्स न्यूज को दिए गए एक साक्षात्कार में जॉनसन ने कहा था कि यदि वे बहुमत खो देते हैं, तो वे अपने गृहनगर श्रीवेपोर्ट (Shreveport) लौटकर लॉन का बिजनेस शुरू कर सकते हैं, क्योंकि वे केवल भगवान और देश के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ सेवा देना चाहते हैं।
उधर, हाउस डेमोक्रेट्स ने यदि रिपब्लिकन को पछाड़कर बहुमत हासिल किया, तो अपने पहले 100 दिनों की कार्ययोजना तय कर ली है। इस योजना में मेडिकेड में रिपब्लिकन द्वारा की गई कटौती को उलटना, ट्रंप के शुल्कों (tariffs) का मुकाबला करना और किफायती देखभाल अधिनियम (Affordable Care Act) मार्केटप्लेस के माध्यम से खरीदे जाने वाले स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स छूट को बहाल करने के लिए कानून लाना शामिल है।
भ्रष्टाचार के आरोपों और ट्रंप के परिवारों की जांच की तैयारी
हाउस ओवरसाइट और ज्यूडिशरी समितियों के शीर्ष डेमोक्रेट्स में से एक और कैलिफोर्निया के प्रतिनिधि रॉबर्ट गार्सिया ने कहा है कि यदि उनकी पार्टी को कांग्रेस पर नियंत्रण मिलता है, तो समितियां भ्रष्टाचार के आरोपों पर व्यापक कार्रवाई के तहत ट्रंप प्रशासन की जांच करेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन जांचों में ट्रंप के पारिवारिक व्यवसायों, एपस्टीन फाइलों (Epstein files) और आव्रजन प्रवर्तन (immigration enforcement) की जांच को प्राथमिकता दी जाएगी।