काशी की ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है यह आयोजन
वाराणसी की प्राचीन और सांस्कृतिक परंपराओं में विशेष स्थान रखने वाला विश्वप्रसिद्ध चेतगंज का नक्कटैया मेला आज, 29 अक्टूबर को भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है। श्री चेतगंज रामलीला समिति के बैनर तले आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित लक्खा मेले का यह 140वां वर्ष है, जिसे लेकर स्थानीय निवासियों और दर्शकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
मेला परिसर की सजावट और भव्य तैयारियां
मेले को ऐतिहासिक और आकर्षक स्वरूप प्रदान करने के लिए पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं, जो अब पूरी हो चुकी हैं। पूरा मेला परिसर दुल्हन की तरह सज-धजकर तैयार है। रोशनी, साज-सज्जा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच आयोजन स्थल पर दर्शकों के आगमन का सिलसिला शुरू हो गया है। काशी की लोक संस्कृति और धार्मिक विरासत को समेटे यह मेला हर साल वाराणसी के सांस्कृतिक पटल पर एक मुख्य आकर्षण का केंद्र बनता है।
परंपरा और ऐतिहासिक महत्व
चेतगंज की नक्कटैया केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि काशी के जनमानस की अटूट आस्था और परंपरा का जीवंत दस्तावेज है। पिछले 140 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा यह लक्खा मेला अपनी विशिष्ट शैली, झांकियों और पारंपरिक मंचन के लिए देश-विदेश में अपनी एक अलग पहचान रखता है। समिति से जुड़े पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से इस ऐतिहासिक परंपरा को निरंतर सहेजा जा रहा है।