LIVE 24x7 बुधवार, 04 नवंबर 2026
संस्करण: राष्ट्रीय / उत्तर प्रदेश Google News Follow
बड़ी ख़बरें
► वाराणसी के निजी अस्पताल में विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष का जहर देने का आरोप ► जौनपुर के मडियाहूं में ड्रोन से पकड़ी गई अवैध पटाखा फैक्ट्री, पिता-पुत्र गिरफ्तार ► उत्तर प्रदेश: आगामी पर्वों पर सुरक्षा कड़ी, सभी पुलिस और प्रशासनिक कर्मियों के अवकाश रद्द ► अमेरिकी मध्यावधि चुनाव 2026: ट्रंप ने संसद के संभावित कानूनों पर वीटो पावर के इस्तेमाल की बात कही ► अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की हार के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ ► अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: ओहायो में विवेक रामास्वामी को हार का सामना ► अंजना ओम कश्यप और खान सर का मानहानि विवाद दिल्ली हाईकोर्ट में आपसी सहमति से सुलझा ► काशी में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ प्रदर्शन, श्रीकृष्ण पर टिप्पणी पर FIR की मांग ► सिंहस्थ कुंभ से पहले गोदावरी सफाई का मेगा प्लान, 1500 करोड़ खर्च करेगी नासिक मनपा ► ऊना के किसानों ने अपनाई अनोखी तकनीक, पराली और बिना जुताई के कर रहे आलू की खेती ► वाराणसी के निजी अस्पताल में विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष का जहर देने का आरोप ► जौनपुर के मडियाहूं में ड्रोन से पकड़ी गई अवैध पटाखा फैक्ट्री, पिता-पुत्र गिरफ्तार ► उत्तर प्रदेश: आगामी पर्वों पर सुरक्षा कड़ी, सभी पुलिस और प्रशासनिक कर्मियों के अवकाश रद्द ► अमेरिकी मध्यावधि चुनाव 2026: ट्रंप ने संसद के संभावित कानूनों पर वीटो पावर के इस्तेमाल की बात कही ► अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की हार के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ ► अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: ओहायो में विवेक रामास्वामी को हार का सामना ► अंजना ओम कश्यप और खान सर का मानहानि विवाद दिल्ली हाईकोर्ट में आपसी सहमति से सुलझा ► काशी में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ प्रदर्शन, श्रीकृष्ण पर टिप्पणी पर FIR की मांग ► सिंहस्थ कुंभ से पहले गोदावरी सफाई का मेगा प्लान, 1500 करोड़ खर्च करेगी नासिक मनपा ► ऊना के किसानों ने अपनाई अनोखी तकनीक, पराली और बिना जुताई के कर रहे आलू की खेती

तब्बू का फिल्मी सफर: बाल कलाकार से लेकर राष्ट्रीय पुरस्कार तक का सफर

तब्बू का फिल्मी सफर: बाल कलाकार से लेकर राष्ट्रीय पुरस्कार तक का सफर
अपडेटेड: Wed, 04 Nov 2026 05:15 AM
📌 बड़ी बातें (Key Highlights)

हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री तब्बू के जन्मदिन विशेष पर जानें उनके फिल्मी सफर, बाल कलाकार के रूप में शुरुआत और राष्ट्रीय पुरस्कारों से जुड़ी जानकारी।

बाल कलाकार से लेकर संजीदा अभिनय के दम पर भारतीय सिनेमा में विशिष्ट मुकाम हासिल करने वाली अभिनेत्री तब्बू आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। अपनी अदायगी और आंखों के भावों से किरदारों में जान फूंकने वाली तब्बू ने कमर्शियल और पैरेलल दोनों तरह की फिल्मों में अपनी अमिट छाप छोड़ी है।

हिंदी सिनेमा में जब भी सशक्त और गंभीर अभिनय की बात होती है, तो तबस्सुम फातिमा हाशमी यानी तब्बू का नाम सबसे पहले लिया जाता है। उनका जन्म 4 नवंबर 1971 को हैदराबाद के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। अभिनय की कला उन्हें विरासत में मिली थी; वह प्रसिद्ध अभिनेत्री शबाना आजमी की भतीजी हैं और उनकी बड़ी बहन फराह नाज भी नब्बे के दशक की चर्चित अभिनेत्रियों में शुमार रही हैं।

बचपन से शुरू हुआ अभिनय का सफर

तब्बू ने बहुत कम उम्र में ही अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था। उन्होंने मात्र 14 साल की उम्र में जाने-माने फिल्मकार देव आनंद की वर्ष 1985 में रिलीज हुई फिल्म 'हम नौजवान' से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में उन्होंने एक संवेदनशील भूमिका निभाई थी, जिससे दर्शकों और समीक्षकों का ध्यान उनकी ओर आकर्षित हुआ था।

मुख्य अभिनेत्री के रूप में धमाकेदार शुरुआत

एक मुख्य अभिनेत्री के तौर पर उनके करियर की शुरुआत थोड़ी अलग रही। उनकी पहली फिल्म के रूप में 'प्रेम' की घोषणा हुई थी, जिसके निर्माण में लंबा समय लग गया। इस बीच, वर्ष 1994 में अजय देवगन के साथ उनकी फिल्म 'विजयपथ' बड़े पर्दे पर रिलीज हुई। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हुई और तब्बू रातों-रात दर्शकों के बीच लोकप्रिय हो गईं। इस फिल्म में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ महिला पदार्पण (बेस्ट डेब्यू फीमेल) पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

राष्ट्रीय पुरस्कार और पद्म श्री से सम्मान

तब्बू की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उन्होंने मुख्यधारा के व्यावसायिक सिनेमा के साथ-साथ गंभीर और कलात्मक फिल्मों में भी अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया है। उनकी अभिनय गहराई का प्रमाण यह है कि उन्हें भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मानों में से एक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से दो बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के रूप में नवाजा जा चुका है।

  • पहला राष्ट्रीय पुरस्कार: वर्ष 1996 में आई निर्देशक गुलजार की फिल्म 'माचिस' के लिए।
  • दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार: वर्ष 2001 में रिलीज हुई मधुर भंडारकर की फिल्म 'चांदनी बार' के लिए।

इसके अतिरिक्त, भारतीय कला जगत में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2011 में उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म श्री' से भी सम्मानित किया गया।

चुनौतीपूर्ण और जटिल भूमिकाएं

मुख्यधारा की फिल्मों के अलावा तब्बू ने ऐसे किरदारों को चुना जिन्हें पर्दे पर जीवंत करना हर किसी के लिए आसान नहीं होता है। उन्होंने 'विरासत', 'मकबूल', 'हैदर', 'अंधाधुन' और 'दृश्यम' जैसी समीक्षकों द्वारा सराही गई फिल्मों में अत्यंत जटिल और संजीदा भूमिकाएं निभाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है।

लेखक के बारे में

रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

Writer

रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

प्रोफ़ाइल व सभी लेख देखें →

ज़रूर पढ़ें (You May Also Like)

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →