अभिनेत्री सोनी राजदान ने वायु प्रदूषण का हवाला देते हुए दीपावली पर पटाखे जलाने के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस बीच दीया मिर्जा के वीडियो विवाद पर भी चर्चा जारी है।
दीपावली के करीब आने और देश भर में गंभीर वायु प्रदूषण के बीच बॉलीवुड हस्तियों द्वारा बिना पटाखों के त्योहार मनाने की अपील की जा रही है। इसी क्रम में अभिनेत्री आलिया भट्ट की मां और वरिष्ठ अभिनेत्री सोनी राजदान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा कर दीपावली पर पटाखे फोड़ने का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस कृत्य को 'राष्ट्रविरोधी' तक करार दिया है।
बुधवार को साझा किए गए अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में सोनी राजदान ने बताया कि इस साल दीपावली पर पटाखे जलाना बच्चों और आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि छोटे बच्चों के माता-पिता भली-भांति जानते हैं कि वायु प्रदूषण के कारण उनके बच्चे कितनी तकलीफ झेलते हैं और बीमारी के चलते उन्हें कितने दिन स्कूल छोड़ने पड़ते हैं।
उन्होंने आगे लिखा, 'इसलिए यदि आप मुझसे यह कहते हैं कि ऐसी परिस्थितियों में इस दीपावली पर एक भी पटाखा फोड़ना पूरी तरह से ठीक है, तो मैं यही कह सकती हूँ कि यह मुझे जीवन विरोधी, स्वास्थ्य विरोधी और हाँ... राष्ट्रविरोधी प्रतीत होता है। स्वास्थ्य एक ऐसा विकल्प है जिसे हम अपने और अपने बच्चों के लिए चुनते हैं। आइए हम सही चुनाव करें।' अपने इस पोस्ट पर संभावित आलोचनाओं और ट्रोलिंग से बचने के लिए सोनी राजदान ने कमेंट सेक्शन को बंद कर दिया था।
दीया मिर्जा के वीडियो हटाने का विवाद
सोनी राजदान का यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ दिन पहले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा अभिनेत्री दीया मिर्जा का पर्यावरण जागरूकता से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया से हटा लिया गया था। इस वीडियो को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी विरोध देखने को मिला था। दीया मिर्जा ने अपने वीडियो में मुंबई के लोगों से अपील की थी कि वे त्योहार के दौरान स्वास्थ्य और पर्यावरण का ध्यान रखें तथा बिना शोरगुल के दीपावली मनाएं।
वीडियो हटाए जाने के बाद दीया मिर्जा ने अपने एक बयान में स्पष्ट किया था कि दीपावली अंधकार पर प्रकाश और अज्ञान पर ज्ञान की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा था कि यह वीडियो जनहित में और अधिक स्वास्थ्यप्रद तथा सचेतन उत्सव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रिकॉर्ड किया गया था। वायु प्रदूषण सार्वजनिक स्वास्थ्य का विषय है और इसे कम करने का हर प्रयास बेहतर पर्यावरण की दिशा में एक कदम है।
मेयर रितु तावड़े का बयान और राजनीतिक आपत्तियां
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीया मिर्जा के वीडियो और उनके चयन पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनकी समस्या उस संदेश से नहीं है जो साझा किया गया था, बल्कि उस सेलिब्रिटी के चयन से थी जिसे अभियान के लिए नियुक्त किया गया था।
मेयर रितु तावड़े ने आरोप लगाया कि दीया मिर्जा ने अतीत में नर्मदा परियोजना, यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को ऐसे किसी भी अभियान के लिए किसी भी सेलिब्रिटी को नियुक्त करने से पहले चुने हुए जनप्रतिनिधियों से सलाह लेनी चाहिए थी। अभियान में माधुरी दीक्षित और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे जैसे अन्य जाने-माने चेहरे भी शामिल थे, लेकिन केवल दीया मिर्जा के वीडियो को लेकर ही विवाद हुआ और उसे हटाया गया।